
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर क्षेत्र में कृषि सिंचाई फीडरों के बिजली शेड्यूल में अचानक किए गए बदलाव से हजारों किसान परेशानी में हैं। बिजली कंपनी द्वारा पहले दिन के समय मिलने वाली 10 घंटे की निर्बाध सप्लाई को अब रात और दिन के अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया है। नए शेड्यूल के मुताबिक, किसानों को अब रात 9 बजे से 1 बजे तक और दिन में 11 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली मिल रही है। इस बदलाव ने किसानों में नाराजगी है, क्योंकि कड़ाके की ठंड में रात के समय खेतों में जाकर सिंचाई करना किसानों के लिए अत्यंत कठिन और असुरक्षित है।
दरअसल, किसानों को रबी फसलों में सिंचाई की आवश्यकता है और जिले में बिजली से चलने वाले पंपों से सिंचाई की जाती है। अब तक किसानों को दिन में दस घंटे बिजली दी जा रही थी, लेकिन अब दिन में छह घंटे और रात में चार घंटे बिजली दी जा रही है। दो समय में बिजली देने से किसान की परेशानी बढ़ गई। लगातार पानी नहीं चलने के कारण खेतों में पानी नहीं हो पा रहा है। वहीं रात में ठंड के कारण परेशानी भी हो रही है।
बरोदा पंथ, नेनोद, बिचोली हप्सी और आसपास के क्षेत्रों के किसानों ने शिकायत की कि रात के समय खेतों तक पहुंचना जोखिम से भरा है। किसान चंदन सिंह बड़वाया, शैलेंद्र पटेल, दिलीप बोरिया, सतीश मकवाना, प्रवीण ठाकुर ने बताया कि उन्हें नंगे पैर खेतों में चलना पढ़ता है, जिससे कीड़ों-मकोड़ों के काटने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं तेज ठंड से स्वास्थ्य बिगड़ने की आशंका भी रहती है।
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किसान नेता बबलू जाधव ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी ने बिना किसी पूर्व परामर्श या सूचना के शेड्यूल बदलकर किसानों के साथ अन्याय किया है। उनका कहना है कि रात में सिंचाई करना न सिर्फ जोखिमपूर्ण है, बल्कि इससे किसानों की मेहनत और उत्पादन दोनों पर असर पढ़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा की गई दिन में 10 घंटे बिजली देने की घोषणा को लागू करने की मांग की। वहीं जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर बढ़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की बात कही।