
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : क्राइम ब्रांच ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी और रकम हड़पने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। अपराध शाखा ने चोला मंडल फाइनेंस कंपनी के पूर्व कर्मचारी और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
राऊ निवासी हर्ष शर्मा ने मामले की शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार 2023 में उनकी मुलाकात प्रॉपर्टी ब्रोकर गौरव खंडेलवाल से हुई थी। गौरव ने उनकी मुलाकात सुरेंद्र नाथ ओझा उर्फ नवीन ओझा से कराई, जिसे चोला मंडल फाइनेंस का बड़ा अधिकारी बताया गया था।
व्यापार के लिए लोन की जरूरत होने पर आरोपितों ने हर्ष को तिलक नगर मुक्तिधाम के पास एक प्लॉट दिखाया। उन्होंने इस प्लॉट पर बड़ा लोन दिलाने की बात कही। आरोप है कि आरोपितों ने कंपनी के दूसरे अधिकारियों के साथ मिलकर प्लॉट की फर्जी सर्च और वैल्यूएशन रिपोर्ट तैयार कराई। 20 से 25 लाख रुपए कीमत वाले इस प्लॉट की फर्जी रिपोर्ट के आधार पर हर्ष के नाम पर दो करोड़ पांच लाख रुपये का लोन पास कराया गया।
लोन पास होने के बाद आरोपितों ने स्टाम्प ड्यूटी और आरटीजीएस के नाम पर हर्ष से 28 लाख 75 हजार रुपये बैंक खाते में और दो लाख रुपये नकद लिए। इस तरह उनसे कुल 30 लाख 75 हजार रुपये ले लिए गए।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब हर्ष ने लोन बंद कराने की बात की। जांच में पता चला कि जिस प्लॉट की कीमत 20 से 25 लाख रुपये थी, उसकी फर्जी रिपोर्ट बनाकर दो करोड़ पांच लाख रुपये का लोन पास कराया गया था। यह भी सामने आया कि नवीन ओझा कंपनी का अधिकारी नहीं था, बल्कि लोन एजेंट था।
धोखाधड़ी की शिकायतों के चलते कंपनी उसे पहले ही निकाल चुकी थी। हर्ष ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो सुरेंद्र नाथ ओझा ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि उसने हर्ष को जान से मारने और गुंडों से खत्म करवाने की धमकी भी दी। क्राइम ब्रांच ने जांच के बाद आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
यह भी पढ़ें- विदिशा में गोल्ड लोन अफसर के साथ बड़ी ठगी, विश्वास में दिए 3.63 लाख रुपये, सोना छुड़ाकर आरोपी फरार