
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त की समस्या से पीड़ित लोगों की संख्या अभी भी सामने आ रही है। मंगलवार को उल्टी-दस्त की शिकायत को लेकर पांच मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। हालांकि इन्हें भर्ती करवाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। अभी भी चार मरीज वेंटिलेटर पर है। यह मरीज करीब 10 दिन से वेंटिलेटर पर है, लेकिन इनकी हालत में खास सुधार नहीं हो रहा है।
भागीरथपुरा में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के 187 सदस्यों ने सर्वे किया। महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जांचे की गई। रक्तचाप, शुगर एवं एनीमिया की जांचें भी की गई। पिछले तीन दिनों में 16208 नागरिकों की जांच की गई। इनमें से 278 लोगों में उच्च रक्तचाप एवं 161 लोगों में मधुमेह की समस्या सामने आई है। इन्हें पहले से बीमारी के बारे में पता नहीं था। इसके अलावा हेल्थ कार्ड देकर आगे की जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में जाने के लिए कहा।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में ओपीडी में 109 मरीज आए, जिनमें से 05 डायरिया की समस्या लेकर आए थे। आशा कार्यकर्ताओं ने लोगों को समझाइश दी कि पानी को उबाल कर ही पीएं और यदि उपचार चल रहा है तो दवाईयों का डोज पूर्ण करें।
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अभी शासकीय और निजी अस्पताल में 33 मरीज भर्ती है। इनमें से आठ आईसीयू में भर्ती है। अधिकारियों के मुताबिक अभियान स्वास्थ्यवर्धन के अंतर्गत उपचार, परामर्श एवं जांच की गई। रहवासियों ने बताया कि हेल्थ कार्ड के माध्ययम से हमें अपने स्वास्थ्य सूचकांकों की जानकारी भी मिल रही है। स्वास्थ्य के स्तर का पता भी चल रहा है। हमें यह भी बताया जा रहा है कि किस तरह की जीवन शैली को अपनाना चाहिए, जिससे कि स्वयं, परिवार एवं समुदाय स्वस्थ रह सके।