
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : एयरपोर्ट के पास स्थित भूमिगत मेट्रो स्टेशन परिसर में जमीन की सतह से 18 मीटर गहराई में बने शॉफ्ट में मेट्रो की सुरंग तैयार करने के लिए दूसरी टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘सरस्वती ‘ को उतारा गया। यह अक्टूबर माह के अंत से दूसरी सुरंग निर्माण कार्य शुरू करेगी।
गुरुवार को साढ़े सात घंटे की में 410 वजनी टीबीएम को उतारा गया। मेट्रो प्रोजेक्ट के अंतर्गत एयरपोर्ट से बड़ा गणपति की ओर दो अलग-अलग सुरंगों का निर्माण किया जाना है। इसमें से एक में मेट्रो की अप लाइन व दूसरी में डाउन लाइन होगी।
गौरतलब है कि इसके पहले एयरपोर्ट के पास मेट्रो स्टेशन परिसर के शॉफ्ट में से 21 सितंबर को पहली टीबीएम ‘नर्मदा ‘ को उतारा गया था। इस टीबीएम के माध्यम से एयरपोर्ट से बीएसएफ की बीते 12 दिन में 17 मीटर की सुंरग का निर्माण किया गया है।
एयरपोर्ट से बड़ाणपति के बीच भूमिगत कारिडोर के तहत सुरंग निर्माण के लिए दोनों टनल बोरिंग मशीने अहम भूमिका निभाएगी। यह मशीने जमीन के नीचे निर्धारित अलाइनमेंट के अनुसार सुरंग की खुदाई करेगी। आधुनिक तकनीक से संचालित टीबीएम के माध्यम से सुरंग निर्माण के दौरान तकनीकी सटीकता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। बड़ा गणपति से रीगल की ओर सुरंग बनाने के लिए दो अन्य टीबीएम का उपयोग किया जाएगा। तीसरी टीबीएम ‘अवंतिका‘ के पुर्जे नवंबर तक इंदौर पहुंचेंगे। नवंबर के अंत तक ही आएगी।
टीबीएम तकनीक का महत्वपूर्ण लाभ यह है कि सुरंग का निर्माण जमीन की सतह के काफी नीचे होता है। दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, लखनऊ जैसे शहरों में भी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भूमिगत मेट्रो का सफलतापूर्वक निर्माण हुआ है एवं हो रहा है। जनसुरक्षा एवं जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भूमिगत मेट्रो का निर्माण निर्धारित तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। -एस कृष्ण चैतन्य,एमडी मेट्रो
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