
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) में जेंडर परिवर्तन के बाद शैक्षणिक दस्तावेजों में नाम और जेंडर बदलवाने के लिए एक पूर्व छात्र पहुंचा। उसने नए सिरे से अपने दस्तावेज बनवाने को लेकर आवेदन किया है। आठ साल पहले खरगोन के शासकीय कालेज से एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने वाले इस आवेदक ने अब अपना जेंडर बदल लिया है।
वह चाहता है कि विश्वविद्यालय से मिलने वाली नई डिग्री और अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों में उसका वर्तमान नाम और जेंडर दर्ज हो। ताकि दस्तावेज उसकी नई पहचान के अनुरूप हो सकें। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब दस्तावेजों में संशोधन की प्रक्रिया रोक रखी है, क्योंकि आवेदक को जेंडर बदलने से संबंधित फार्म कलेक्टर से सत्यापित करवाना होगा। उसके बाद ही विश्वविद्यालय पूर्व में जारी अंकसूची में बदलाव कर सकती है।
अधिकारी के मुताबिक नियमानुसार पहले जारी की जा चुकी मार्कशीट और डिग्री में बदलाव करना संभव नहीं है। इसलिए छात्रा की एलएलबी की अंकसूची में नाम व जेंडर बदलना थोड़ा मुश्किल है। उसके पहले जेंडर परिवर्तन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करना होगी। उसके बाद ही विश्वविद्यालय ने इस बारे में विचार कर सकता है।
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विश्वविद्यालय में इस तरह का मामला पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2020 में विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई कर चुकी एक छात्रा ने जेंडर बदला था और वह अंकसूची में नाम और जेंडर बदलने का आवेदन किया। जेंडर परिवर्तन के बाद वह महिला से पुरुष बनी थी और उसने शैक्षणिक दस्तावेजों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू करवाई थी। इसके बाद उसने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से बीसीए की पढ़ाई की थी।