• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

MP में किसानों की भूमि अधिग्रहण में चार गुना मुआवजे से गाइडलाइन और बाजार भाव का अंतर होगा कम

चार गुना मुआवजे से पूर्वी रिंग रोड, इंदौर-मनमाड रेल लाइन समेत कई प्रोजेक्टों में अधिग्रहण आसान होगा और किसानों का विरोध घटेगा।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sun, 26 Apr 2026 08:50:41 AM (IST)Updated Date: Sun, 26 Apr 2026 08:54:46 AM (IST)
MP में किसानों की भूमि अधिग्रहण में चार गुना मुआवजे से गाइडलाइन और बाजार भाव का अंतर होगा कम
पूर्वी रिंग रोड की राह भी खुलेगी, रेल और अन्य प्रोजेक्ट में जमीन मिलने से मिलेगी गति। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. गाइडलाइन में सालाना बढ़ोतरी के बावजूद असली रेट ज्यादा
  2. इंदौर में दो प्रोजेक्टों में पहले ही दिया गया था बढ़ा मुआवजा
  3. पीथमपुर के पास विरोध के बाद शासन ने 10% आवंटन बढ़ाया

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में भूमि अधिग्रहण में मुआवजे के विरोध के कारण कई प्रोजेक्ट लंबे समय तक अटके रहे, लेकिन अब इन्हें गति मिल सकेगी। सरकार ने भूमि अधिग्रहण में चार गुना मुआवजे का प्रविधान किया है। इससे कलेक्टर गाइडलाइन और बाजार भाव के बीच का अंतर कम होगा और अधिग्रहण आसान होगा।

वहीं लंबित प्रोजेक्टों को गति मिल सकेगी और किसानों का विरोध कम होगा। पूर्वी रिंग रोड, इंदौर-मनमाड रेल लाइन सहित अन्य प्रोजेक्टों में भूमि अधिग्रहण आसान होगा। जिले में प्रतिवर्ष कलेक्टर गाइडलाइन में बढ़ोतरी की जा रही है, बावजूद बाजार भाव गाइडलाइन से तीन से चार गुना अधिक है।


लागत बढ़ जाती है

इससे इंदौर के आसपास सड़क, रेल लाइन और अन्य प्रोजेक्टों के लिए जमीन अधिग्रहण मुश्किल होता है। किसान और जमीन मालिक जमीन देने का विरोध करते हैं और प्रोजेक्ट लंबा खिंच जाता है। इससे लागत भी बढ़ जाती है।

पश्चिमी रिंग रोड, पूर्वी रिंग रोड, इकोनामिक कॉरिडोर, इंदौर-बुधनी रेल लाइन, इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन जैसे प्रोजेक्ट में मुआवजे को लेकर लंबे समय विरोध जारी रहा और यह प्रोजेक्ट लंबे समय तक अटके रहे। अब विकास वाले सभी प्रोजेक्ट की राह आसान हो सकेगी।

दो प्रोजेक्टों में बढ़ाकर दिया मुआवजा

प्रशासन ने बाजार भाव के बराबर मुआवजा देकर पश्चिमी रिंग रोड और इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड सड़क का विरोध कम किया था। ग्रीनफील्ड सड़क में बिक्री छांट के अनुसार 662 किसानों को 626 करोड़ मुआवजा दिया गया।

विरोध थमने के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने पुरस्कार भी पारित कर दिए और मुआवजा वितरण शुरू हो गया। वहीं पश्चिम रिंग रोड के लिए गाइडलाइन में बढ़ोतरी कर मुआवजा दिया गया। इससे 400 करोड़ के करीब मुआवजा राशि में बढ़ोतरी हुई और किसानों को बाजार भाव के अनुसार राशि मिली।

10 प्रतिशत बढ़ाया आवंटन

इंदौर से पीथमपुर के बीच बन रहे इकोनामिक कॉरिडोर में जमीन अधिग्रहण का विरोध लंबे समय तक जारी रहा। यहां भूमि स्वामियों को जमीन के बदले 50 प्रतिशत विकसित भूखंड वापस दिया जा रहा था, लेकिन वे इसका विरोध कर रहे थे। लंबे विरोध के बाद शासन ने 10 प्रतिशत विकसित भूखंड का आवंटन बढ़ा दिया और अब जमीन स्वामी को 60 प्रतिशत विकसित भूखंड दिया जाएगा। इस निर्णय के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो सकी।

चार गुना मुआवजे की मांग

जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसान बाजार भाव के चार गुना मुआवजे की मांग लंबे समय से कर रहे थे। इस कारण इंदौर-बुधनी रेल लाइन, आउटर रिंग रोड, इकोनामिक कॉरिडोर, अहिल्या पथ सड़क, ग्रीनफील्ड सड़क जैसे सभी प्रोजेक्ट में विरोध हुआ और कई प्रोजेक्ट में दो से तीन साल की देरी हो चुकी है। विरोध के बीच जमीन अधिग्रहण अभी तक पूरा नहीं हो सका है।

यह भी पढ़ें : इंदौर-उज्जैन के बीच 77 किमी लंबे पूर्वी रिंग रोड के लिए 15 हेक्टेयर वनभूमि की जरूरत