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मोबाइल अपडेट से भजन संध्या तक, फर्जी एपीके फाइल ने खोले ठगी के रास्ते, इंदौर में साइबर अपराधियों ने छह लोगों से 4.90 लाख उड़ाए

साइबर ठग अब सिर्फ बैंक या केवाईसी के नाम पर नहीं, बल्कि ट्रैफिक चालान, बिजली बिल, गेमिंग और धार्मिक कार्यक्रम तक के बहाने मोबाइल में सेंध लगा रहे हैं।...और पढ़ें

By Mukesh MangalEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Sun, 27 Sep 2026 06:52:48 PM (IST)Updated Date: Sun, 27 Sep 2026 06:52:48 PM (IST)
मोबाइल अपडेट से भजन संध्या तक, फर्जी एपीके फाइल ने खोले ठगी के रास्ते, इंदौर में साइबर अपराधियों ने छह लोगों से 4.90 लाख उड़ाए
साइबर ठग बना रहे लोगों को निशाना। (एआई इमेज)

HighLights

  1. क्राइम ब्रांच ने साइबर अपराधियों से ठगी की पूरी रकम वापस करवाई
  2. ट्रैफिक चालान, केवायसी , बिजली बिल और गेमिंग के बहाने भेजी फर्जी एपीके फाइल
  3. 1930 नंबर पर शिकायत करने से बची रकम

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : साइबर ठग अब सिर्फ बैंक या केवाईसी के नाम पर नहीं, बल्कि ट्रैफिक चालान, बिजली बिल, गेमिंग और धार्मिक कार्यक्रम तक के बहाने मोबाइल में सेंध लगा रहे हैं।

इंदौर में ऐसे ही छह मामलों में ठगों ने पीड़ितों से फर्जी एपीके फाइल डाउनलोड करवाई और मोबाइल की बैंकिंग गतिविधियों का दुरुपयोग करते हुए कुल 4.90 लाख रुपये निकाल लिए। राहत की बात यह रही कि सभी पीड़ितों ने समय रहते 1930 पर शिकायत कर दी। क्राइम ब्रांच ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से समन्वय कर पूरी राशि वापस करा दी।

मोबाइल अपडेट करने के नाम पर वाट्सएप से लिंक भेजा गया

एडीसीपी (क्राइम) राजेश दंडोतिया के अनुसार एक महिला एडवोकेट को मोबाइल अपडेट करने के नाम पर वाट्सएप से लिंक भेजा गया। एपीके इंस्टाल करते ही उसके खाते से 1.30 लाख रुपये निकल गए। इसी तरह एक निजी कर्मचारी को ट्रैफिक चालान के नाम पर भेजी एपीके से 45 हजार रुपये की चपत लगी।


बैंक केवायसी अपडेट कराने के बहाने एपीके भेजी गई

एक अन्य निजी कर्मचारी को बैंक केवायसी अपडेट कराने के बहाने एपीके भेजी गई। इसे इंस्टाल करने के बाद उसके खाते से 90 हजार रुपये निकल गए। वहीं, तीन पत्ती गेमिंग के नाम पर भेजी गई एपीके से एक व्यक्ति के खाते से 95 हजार रुपये निकाल लिए गए।

बिजली बिल और भजन संध्या भी बने बहाने

बिजली बिल जमा करने के नाम पर भेजी गई एपीके इंस्टाल करने पर एक पीड़ित के खाते से 1.02 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई। वहीं, जूते की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति को भजन संध्या के धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर एपीके भेजी गई। जल्दबाजी में इसे इंस्टाल करना उसे 28 हजार रुपये का पड़ा।

1930 पर शिकायत से बची रकम

छहों पीड़ितों ने ठगी का पता चलते ही साइबर हेल्पलाइन 1930 और एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की। क्राइम ब्रांच की साइबर टीम ने तत्काल संबंधित बैंक खातों में हुए ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई और संबंधित बैंकों व वित्तीय संस्थानों से संपर्क कर रकम होल्ड/फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस के अनुसार त्वरित कार्रवाई के चलते पूरी 4.90 लाख रुपये की राशि पीड़ितों को वापस करा दी गई।

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