
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। खजराना से रीगल चौराहे तक मेट्रो के 3.5 किलोमीटर हिस्सो को एलिवेटेड के स्थान पर भूमिगत किया जाना है। जनता की मांग पर मप्र शासन ने इसे भूमिगत करने का निर्णय लिया था। इस बदलाव पर मप्र सरकार को 945 करोड़ रुपये का वहन करना है।
मंगलवार को प्रदेश कैबिनेट की बैठक में मेट्रो के खजराना से रीगल तक के हिस्से को भूमिगत करने पर होने वाले खर्च की राशि को मंजूरी मिली। मप्र केबिनेट ने इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए मंगलवार को 12883 करोड़ रुपये को मंजूरी दी।
खजराना से रीगल तक के हिस्से की राशि स्वीकृत होने के बाद अब मेट्रो रेल प्रबंधन जल्द ही इस हिस्से में निर्माण के लिए एजेंसी तय करने के लिए टेंडर जारी करेगा। अगले चार माह में मेट्रो के इस अंडरग्राउंड हिस्से के लिए एजेंसी तय होगी। गौरतलब है कि अभी इस हिस्से में मेट्रो द्वारा निर्धारित एजेंसी का सर्वे किया जा रहा है।
इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए 31 किमी की रिंग को बनाने के लिए करीब नौ साल प्रदेश सरकार ने पूर्व में 7500 करोड़ रुपये मंजूरी दी थी। अब केबिनेट इंदौर मेट्रो के लिए प्रोजेक्ट को रिवाइज करते मूल लागत में 5388.58 करोड़ रुपये अतिरिक्त लागत जोड़कर पुनरीक्षित लागत 12889 करोड़ रुपये की की मंजूरी दी।
इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण पीपीपी घटक एवं आंतरिक ऋण के प्रभाव को शामिल कर 6582.91 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस तरह मेट्रो प्रोजेक्ट को कुल 19472 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
मंगलवार को अपर मुख्य सचिव संजय दुबे इंदौर आएंगे। वे इंदौर मेट्रो का निरीक्षण करेगे। इसके अलावा मेट्रो सहित नगरीय निकाय के अन्य प्रोजेक्ट की समीक्षा भी करेंगे।
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