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जीएसटी रिटर्न भरने की आखिरी डेट और दीपावली एक साथ, व्यापार करें या रिटर्न की चिंता

GST Return Deadline: नवंबर में मासिक रिटर्न की तारीख आगे बढ़ाने की उठी मांग, व्यापारियों और कर पेशेवरों ने काउंसिल तक बात पहुंचाने की तैयारी कर ली है।

By Lokesh SolankiEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 06 Oct 2026 07:56:02 AM (IST)Updated Date: Tue, 06 Oct 2026 08:02:05 AM (IST)
जीएसटी रिटर्न भरने की आखिरी डेट और दीपावली एक साथ, व्यापार करें या रिटर्न की चिंता
जीएसटी रिटर्न को लेकर व्यापारियों में चिंता। - फाइल फोटो

HighLights

  1. दीपोत्सव से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट, कर सलाहकार और अकाउंटेंट भी छुट्टियों के मूड में रहेंगे
  2. कर पेशेवरों के लिए संकट है कि वे भी त्योहार छोड़ रिटर्न दाखिल करने में जुट जाएं
  3. जीएसटी रिटर्न की अंतिम तारीख को विशेष परिस्थिति मानकर बदलाव किए जाने की मांग

लोकेश सोलंकी, नईदुनिया, इंदौर। जीएसटी की खानापूर्ति बाजार, व्यापारी और कर सलाहकारों तीनों की दिवाली बिगाड़ती दिख रही है। इस वर्ष दीपावली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। जीएसटी का मासिक रिटर्न (जीएसटीआर-1) दाखिल करने की अंतिम तिथि 10 नवंबर निर्धारित है। बाजार के लिए यही दौर वर्ष में बिक्री और व्यापार का सबसे बड़ा मौका होगा।

इतना ही नहीं, दीपोत्सव से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट, कर सलाहकार और अकाउंटेंट भी छुट्टियों के मूड में रहेंगे। ऐसे में व्यापारियों के लिए सवाल खड़ा हो गया है कि वे ग्राहकी छोड़ पहले जीएसटी की खानापूर्ति करें और कर पेशेवरों के लिए संकट है कि वे भी त्योहार छोड़ रिटर्न दाखिल करने में जुट जाएं।


देश के सबसे बड़े त्योहार पर आ रही जीएसटी रिटर्न की तारीख में इस विशेष माह के लिए बदलाव की मांग उठने लगी है। व्यापारियों ने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट के सामने परेशानी रखी है। ये कर पेशेवर विभाग के अधिकारियों तक अपनी पीड़ा पहुंचा रहे हैं।

हालांकि विभागीय अधिकारी फिलहाल हाथ खड़े कर रहे हैं कि उनके हाथ में कुछ नहीं है। ऐसे में अब व्यापारी और कर पेशेवर मिलकर मांग दिल्ली तक पहुंचाने की कोशिश में जुटे हैं। व्यापारियों की मांग है कि अक्टूबर माह के जीएसटी रिटर्न की अंतिम तारीख को विशेष परिस्थिति मानकर बदलाव किया जाना चाहिए।

पेनाल्टी नहीं, लेकिन नुकसान बड़ा

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट आफ इंडिया इंदौर ब्रांच के पूर्व अध्यक्ष सीए कीर्ति जोशी कहते हैं कि जीएसटीआर-1 रिटर्न में बीते माह की खरीद-बिक्री की जानकारी भरना होती है। यदि बेचने वाला कारोबारी रिटर्न समय पर नहीं भरेगा तो उससे माल खरीदने वाले दूसरे व्यापारी के टू-बी फार्म में वह खरीदी नजर नहीं आएगी। यानी दूसरा व्यापारी भी उस माल पर इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम नहीं कर सकेगा।

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सीए जोशी के अनुसार इसके बाद सामने वाले व्यापारी को अपनी जेब से अक्टूबर की पूरी खरीद पर टैक्स चुकाना होगा। अक्टूबर में त्योहार के ठीक पहले सबसे ज्यादा माल की खरीद-बिक्री होती है और दीपावली के बाद बाजार सुस्त हो जाता है। ऐसे में जेब से टैक्स चुकाने के बाद अक्टूबर की क्रेडिट उसे नवंबर के बाद ही क्लेम करने का मौका मिलेगा। इस तरह व्यापारी की बड़ी पूंजी सरकार के खजाने में फंस जाएगी।

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चिंता से अवगत करवा रहे हैं

प्रदेश के स्तर पर रिटर्न की तारीख को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। यह एक्ट और काउंसिल के द्वारा पूर्व निर्धारित होती है। व्यापारियों की चिंताएं हम तक आई हैं। जीएसटी काउंसिल तक हम बात पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। - अनय द्विवेदी, वाणिज्यिककर आयुक्त, मप्र