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इंदौर हाई कोर्ट ने जेल में बंद बांग्लादेशी महिला को छोड़ने से किया इनकार, कहा- सुरक्षा की दृष्टि से डिटेंशन सेंटर ही सही स्थान

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने जेल में बंद बांग्लादेशी महिला को छोड़ने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मामले में विचारण चल रहा है। कभी भी ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 24 Feb 2026 10:46:25 PM (IST)Updated Date: Tue, 24 Feb 2026 10:46:25 PM (IST)
इंदौर हाई कोर्ट ने जेल में बंद बांग्लादेशी महिला को छोड़ने से किया इनकार, कहा- सुरक्षा की दृष्टि से डिटेंशन सेंटर ही सही स्थान
जेल में बंद बांग्लादेशी महिला को छोड़ने से किया इनकार।

HighLights

  1. ट्रायल लंबित होने तक हिरासत में रहेगी बांग्लादेशी आरोपी
  2. अधिकारियों के खिलाफ जांच और मुआवजे की मांग को नकारा
  3. कोर्ट ने कहा- सुरक्षा की दृष्टि से डिटेंशन सेंटर ही सही स्थान

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने जेल में बंद बांग्लादेशी महिला को छोड़ने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मामले में विचारण चल रहा है। कभी भी उसकी उपस्थिति की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में विदेशी महिला को सुरक्षा की दृष्टि से डिटेंशन सेंटर में रखा जाए। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि मामले में सुनवाई तेज कर छह माह में पूरा किया जाए। साथ ही याचिकाकर्ता से कहा कि अगर इस दौरान विचारण में प्रगति नहीं आती तो वे फिर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में की गई थी रिहाई और मुआवजे की मांग

बांग्लादेशी महिला के मामले में हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका प्रस्तुत कर उसे जेल से रिहा करने, विचारण छह माह में पूरा करने, दूतावास से समन्वय कर प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया शुरू करने, मुआवजा देने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग की गई थी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।


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गंभीर अपराधों के चलते अस्थाई डिटेंशन सेंटर में रहेगी महिला

इस पर उन्होंने बताया कि महिला एक व्यक्ति को जबरदस्ती बंधक बनाने, फिरौती मांगने व अन्य अपराधों के साथ बगैर अनुमति भारत में रहने जैसी गंभीर धाराओं में आरोपित है। हालांकि उसे पूर्व में जमानत मिल चुकी है, लेकिन प्रकरण लंबित है। उसे अस्थायी डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। इंदौर कलेक्टर ने जिला जेल को ही अस्थायी डिटेंशन सेंटर घोषित किया है।