
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : शहर की बिगड़ी और दिन पर दिन बदहाल होती ट्रैफिक व्यवस्था पर हाईकोर्ट ने एक बार फिर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसा लगता है कि शहर का ट्रैफिक सीमित कर्मचारियों और संसाधनों के भरोसे छोड़ दिया गया है, यह मंजूर नहीं है। पुराने आदेशों का पालन नहीं होने पर युगल पीठ ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव को 30 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट में ट्रैफिक सुधार को लेकर कई जनहित याचिकाओं पर लगातार सुनवाई चल रही हैं। 2019 के बाद से अब तक लगी याचिकाओं की कोर्ट संयुक्त रूप से सुनवाई कर रहा है और लगातार निर्देश भी देता रहा है। बीते दिनों बत्ती और हूटर लगे निजी वाहनों पर कार्रवाई से लेकर अन्य तमाम निर्देश कोर्ट ने दिए लेकिन याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि आज तक उनका पालन नहीं हो रहा।
अब कोर्ट ने कोर्ट ने राज्य शासन को आदेश दिया कि शहर के सभी प्रमुख ट्रैफिक पाइंट्स पर कम से कम चार ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। नियम तोड़ने वालों पर मौके पर ही कार्रवाई हो। रांग साइड चलने वालों पर मौके पर ही चालान या वाहन जब्ती की कार्रवाई हो।
वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बगड़िया ने बताया कि 14 अक्टूबर 2019 को ही प्रमुख पाइंट पर 2 पुलिसकर्मी तैनात करने का आदेश था, अगस्त 2026 में भी इस आदेश को दोहराया गया, पर पालन नहीं हुआ।
हाईकोर्ट ने नगर निगम से भी जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि शहर में पार्किंग की मौजूदा व्यवस्था नाकाफी है। क्या निगम ऐसी योजना पर विचार कर रहा है कि हर आवासीय भवन के नक्शे में कम से कम दो गाड़ियों की पार्किंग अनिवार्य हो? निगम के वकील को अगली सुनवाई में इस पर जवाब देना होगा।
सुनवाई में मोबाइल एप से ई-चालान भरने में दिक्कत का मुद्दा भी उठा। बगड़िया ने बताया कि एप खुलने में काफी समय लगता है, लोग चालान नहीं भर पा रहे। कोर्ट ने निगम और संबंधित विभाग से पूछा कि एप की तकनीकी खामी दूर करने के लिए क्या किया गया?
ट्रैफिक सुधार के लिए कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी की अध्यक्षता में नई समिति बनाई है। इसमें अन्य वकील भी होंगे। समिति लोगों की शिकायतें, सुझाव सुनेगी और सरकार से समन्वय बनाएगी।अब अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी। इसमें प्रमुख सचिव को बताना होगा कि सरकार ने ट्रैफिक सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं। नगर निगम को पार्किंग और ई-चालान एप पर रिपोर्ट देनी होगी।याचिकाओं में बगड़िया के साथ अधिवक्ता मनीष यादव, करण बैरागी, अभिनव धनोतकर और पूर्व पार्षद महेश गर्ग ने भी पक्ष रखा।
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