
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। रिंग रोड पर अधिकांश चौराहों पर फ्लाईओवर बन चुके हैं या निर्माणाधीन हैं। ऐसे में सारा यातायात रोबोट और रेडिसन चौराहा पर आकर फंसता है, लेकिन अब यहां पर जाम को फ्लाईओवर बनाकर बायपास करने की तैयारी है। सबसे व्यस्त रेडिसन और रोबोट चौराहों पर 171 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने फिजिबिलिटी और यूटिलिटी सर्वे के बाद दोनों स्थानों पर मिट्टी परीक्षण शुरू कर दिया है। इसके साथ ही निर्माण एजेंसी से जुड़ी तैयारियां भी आगे बढ़ाई जा रही हैं। दोनों फ्लाईओवर बनने के बाद रिंग रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लाखों वाहन चालकों को रोजाना सिग्नल पर रुकने से राहत मिलेगी।
रेडिसन चौराहे पर 76.59 करोड़ और रोबोट चौराहे पर 94.18 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर प्रस्तावित है। दोनों परियोजनाओं को आईडीए बोर्ड की पिछली बैठक में प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है।
अब निर्माण एजेंसी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। गौरतलब है कि रिंग रोड के चार प्रमुख चौराहों पर पहले ही फ्लाईओवर बन चुके हैं, जबकि मूसाखेड़ी और आईटी पार्क पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है।
अब रेडिसन और रोबोट पर प्रस्तावित निर्माण पूरा होने के बाद रिंग रोड के आठ प्रमुख चौराहे फ्लाईओवर से जुड़ जाएंगे। इससे करीब 75 प्रतिशत रिंग रोड सिग्नल फ्री हो जाएगी। वर्तमान में यातायात का बड़ा दबाव रेडिसन और रोबोट चौराहे पर है। दोनों फ्लाईओवर बनने से करीब दो लाख वाहनों की आवाजाही आसान होने का अनुमान है।
इन दोनों चौराहों के आसपास 100 से अधिक कॉलोनियां हैं। रहवासियों को रोजाना इन मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है और पीक आवर में जाम की स्थिति बनती है। फ्लाईओवर बनने के बाद स्थानीय और लंबी दूरी के ट्रैफिक को अलग-अलग मार्ग मिलने से चौराहों पर टकराव कम होगा।
रोबोट चौराहे का फ्लाईओवर खजराना की तर्ज पर बनाया जाएगा। यहां सड़क के दोनों ओर दो-दो लेन की अलग-अलग विंग रहेंगी। चौराहे के बीच से मेट्रो लाइन गुजरने के कारण यह डिजाइन अपनाया जा रहा है।
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रेडिसन चौराहे पर विजय नगर से रेडिसन की ओर स्थित करीब 300 मीटर लंबे ग्रीन बेल्ट का इस्तेमाल फ्लाईओवर के निर्माण में किया जाएगा। विजय नगर से स्टार चौराहे की दिशा में बनने वाले ब्रिज से बायपास जाने वाला ट्रैफिक ऊपर से निकलेगा, जबकि विजय नगर से खजराना और निपानिया की ओर जाने वाले वाहन नीचे की तीन लेन की सड़क से गुजर सकेंगे।
ब्रिज के नीचे भी करीब 10 से 12 मीटर चौड़ी सड़क उपलब्ध रहेगी। वर्तमान में रेडिसन चौराहे से रोजाना पौने दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। इंदौर-बैतूल हाईवे के शुरू होने के बाद 20 प्रतिशत यातायात बढ़ने का अनुमान है।