
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : दो वर्ष पहले केंद्र सरकार से 468 करोड़ रुपये की राशि मिलने के बावजूद मास्टर प्लान की सड़कों का काम गति नहीं पकड़ पा रहा है। हालत यह है कि विधानसभा क्षेत्र में बनने वाली मास्टर प्लान की सात सड़कों में से चार का तो काम ही शुरू नहीं हुआ।
जिन तीन सड़कों का काम चल रहा है उसकी गति इतनी धीमी है कि कब पूरा होगा पता नहीं। सबसे ज्यादा खराब हालत जिंसी सड़क की है। निगमायुक्त और महापौर इस निर्माणाधीन सड़क का दौरा कर कई बार यातायात शुरू करने की तारीख घोषित कर चुके हैं, लेकिन सड़क का काम पूरा नहीं हुआ।
निगम का दावा 31 अक्टूबर तक लक्ष्मीबाई प्रतिमा से नेमिनाथ चौराहा तक एक साइड यातायात शुरू करने का है, लेकिन जो हालात हैं वो बता रहे हैं कि यह लगभग असंभव है। कुछ ऐसे ही हालात गुटकेश्वर महादेव मंदिर से लगकर बन रही मास्टर प्लान की सड़क की है।
गोल मंदिर से रामबाग पुल तक बनने वाली सुभाष मार्ग सड़क की चौड़ाई को लेकर लंबा विवाद चला। मास्टर प्लान में इस सड़क की चौड़ाई 104 फीट है, लेकिन विवादों के बाद निर्णय लिया गया कि फिलहाल इसे 80 फीट ही बनाया जाएगा। इस निर्णय के बावजूद आज तक सड़क काम शुरू नहीं हो सका। लगभग 1300 मीटर लंबी इस सड़क पर 20 करोड़ से ज्यादा की लागत आना है।
मास्टर प्लान की जिन 23 सड़कों का निर्माण होना है उसमें कंडीलपुर सड़क भी शामिल है। करीब 550 मीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए नगर निगम कई बार बाधित मकानों पर निशान लगा चुका है। रहवासियों ने स्वत: ही अपने बाधक निर्माण हटा भी लिए, लेकिन सड़क का काम शुरू नहीं हो सका। निगम कई बार काम जल्द शुरू करने की बात कह चुका है।
सुभाष मार्ग और कंडीलपुरा दोनों सड़कों का काम बहुत जल्द शुरू होगा। बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई भी शुरू करेंगे। फिलहाल लोग स्वत: अपने बाधक निर्माण हटा रहे हैं। -पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर
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