
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के तीन महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों पर फैसला दीपावली बाद होने वाली बोर्ड बैठक में होगा। सीनियर सिटीजन कॉम्प्लेक्स और शहीद पार्क के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि सिटी फॉरेस्ट के निर्माण के लिए तीन एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। आईडीए सीईओ के स्थानांतरण के कारण बोर्ड बैठक नहीं हो सकी, जिससे तीनों प्रोजेक्ट अटके हुए हैं।
सीनियर सिटीजन कॉम्प्लेक्स का निर्माण करीब दो साल पहले हुआ था। निजी एजेंसी ने एक साल के भीतर ही संचालन से हाथ खींच लिए, जिसके बाद से यह बंद है। अब संचालन के लिए दो एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। नई व्यवस्था में बुजुर्गों के साथ कामकाजी महिलाओं को भी रहने की सुविधा मिलेगी।
हालांकि महिलाओं को प्रवेश तभी दिया जाएगा, जब वरिष्ठ नागरिकों के लिए जगह उपलब्ध रहने के बाद स्थान बचेगा। कॉम्प्लेक्स में अधिकतम 40 प्रतिशत स्थान वर्किंग वुमन के लिए निर्धारित रहेगा।
करीब दो एकड़ में चार करोड़ रुपये की लागत से बने शहीद पार्क के संचालन के लिए दो एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। बोर्ड बैठक में एजेंसी का चयन होगा। संचालनकर्ता को पार्क की गरिमा बनाए रखनी होगी। शहीद गैलरी, ओपन एम्फीथिएटर और अस्थायी फूड हट्स से एजेंसी आय अर्जित कर सकेगी। इसके बदले उसे आईडीए को हर महीने 75 हजार रुपये देने होंगे। पार्क को सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, शैक्षणिक और कला आयोजनों के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
सिटी फॉरेस्ट के लिए 42 एकड़ जमीन पर सघन वन विकसित किया जाएगा। निर्माण के टेंडर में दो एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। बोर्ड की मंजूरी के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। वहीं कन्वेंशन सेंटर के लिए दोबारा एजेंसी चयन की प्रक्रिया भी दोबारा शुरू होना है। 545 करोड़ के इस प्रोजेक्ट का निर्माण पीपीपी मॉडल पर होगा।