
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : दशहरे की छुट्टियों में हास्टल से घर लौट रही 15 वर्षीय महिमा की शनिवार को दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। छात्रा अपने मौसा मूलचंद के साथ बाइक से घर लौट रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार में आए ट्रक ने टक्कर मार दी और छात्रा पहिया के नीचे आ गई। उसकी मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हेलमेट पहनने से मुलचंद की जान बच गई। उसके पैर में फ्रेक्चर हुआ है। इस हादसे में हेलमेट की अहमियत भी सामने आई है। भारी वाहनों के बीच दोपहिया सवारों की सुरक्षा को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है।
टीआई संतोष दूधी के अनुसार 15 वर्षीय महिमा पुत्री गलसिंग सोलंकी नौवीं कक्षा में पढ़ती थी और होस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। दशहरे की छुट्टियों के चलते वह अपने 28 वर्षीय मौसा मुलचंद निवासी नीमखेड़ा पूंजापुरा देवास के साथ मोटर साइकिल से इंदौर आ रही थी। दोनों पालदा क्षेत्र में नेमावर रोड पर हनुमान मंदिर के सामने से गुजर रहे थे, तभी ट्रक की चपेट में आ गए।
मूलचंद के अनुसार छात्रा टक्कर से नीचे गिर गई और ट्रक का पहिया सिर पर चढ़ गया। उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। मौसा के पैर में गंभीर चोट आई। हादसे की सूचना मिलते ही भंवरकुआं पुलिस मौके पर पहुंची।
मूलचंद को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया। उसने बताया उसने हेलमेट पहन रखा था। हेलमेट होने से उनकी जान बच गई, हालांकि उसे पैर में चोट आई।
भंवरकुआं पुलिस ने मूलचंद बघेल के रिश्तेदार जितेंद्र सोलंकी निवासी त्रिवेणी नगर चितावद की शिकायत पर केस दर्ज किया है। जितेंद्र सोलंकी के अनुसार महिमा डबल चौकी में होस्टल में रहती थी। मूलचंद कुछ दिन पूर्व ही इंदौर रहने आया था। वह इंदौर रुक कर छात्रा को गांव ले जाता। बीच में हादसा हो गया और छात्रा की मौत हो गई। महिमा के पिता गलसिंह खेती करते हैं। वह चार भाई बहनों में सबसे बड़ी थी।