
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अहीरखेड़ी पुलिया से तेज बहाव में बहे मिस्त्री महेश चौहान का शव हादसे के तीसरे दिन शुक्रवार को सिरपुर तालाब से बरामद हुआ। एसडीईआरएफ की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद शव को तलाश लिया, वहीं दूसरी ओर पुलिस व्यवस्था की लापरवाही सामने आ गई।
शव को तालाब से निकालने के बाद करीब दो घंटे तक उसे जिला अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। आखिरकार स्वजन और मौके पर मौजूद लोगों की मदद से निजी लोडिंग वाहन की व्यवस्था की और शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा जा सका।
द्वारकापुरी थाना क्षेत्र के रहने वाले महेश चौहान बुधवार रात अहीरखेड़ी पुलिया पार करते समय तेज बहाव में बाइक सहित बह गए थे। घटना के बाद से एसडीईआरएफ, गोताखोरों और पुलिस की संयुक्त टीम लगातार उनकी तलाश में जुटी थी। गुरुवार को घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर उनकी बाइक और लगभग 800 मीटर दूर टिफिन मिल गया था, लेकिन महेश का कोई सुराग नहीं मिला।
शुक्रवार सुबह एसडीईआरएफ की टीम ने सिरपुर तालाब में दोबारा सर्चिंग अभियान शुरू किया। करीब साढ़े 11 बजे टीम ने महेश का शव तालाब से बरामद कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शव निकालने के बाद भी काफी देर तक यह असमंजस बना रहा कि मौके पर किस थाने की पुलिस पहुंचेगी। करीब आधे घंटे बाद द्वारकापुरी थाने से जांच अधिकारी एसआई आरएस बघेल पहुंचे।
इसके बाद भी शव को अस्पताल भेजने की व्यवस्था नहीं हो सकी। जिला अस्पताल महज एक किलोमीटर दूर होने के बावजूद पुलिस वाहन उपलब्ध नहीं करा सकी। परिजन और स्थानीय लोगों ने कई लोडिंग वाहन चालकों से संपर्क किया, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। करीब दो घंटे बाद एक लोडिंग वाहन मिला, जिसके जरिए शव को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई।