
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। उज्जैन की शाही मस्जिद के खिलाफ की जा रही नगर निगम की कार्रवाई को रोकने से हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया है। मस्जिद पक्ष ने एकलपीठ के फैसले को चुनौती देते हुए युगलपीठ के समक्ष अपील प्रस्तुत की थी। सोमवार दोपहर बाद इस पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने अपील खारिज कर दी।
हालांकि मस्जिद पक्ष का कहना है कि अपील निरस्त नहीं हुई बल्कि आपसी समझौते के तहत उन्होंने खुद ही अपील वापस ले ली है।
मस्जिद पक्ष के वकील कुलदीप पाठक ने नईदुनिया से चर्चा में कहा कि मस्जिद पक्ष 3 फीट पीछे हटने, मस्जिद की 10-12 दुकानें हटाने और मीनारों को हटाकर दूसरी ओर शिफ्ट करने को तैयार है।
इसके बदले में उज्जैन नगर निगम नियमानुसार क्षतिपूर्ति देगा। उज्जैन नगर निगम ने मस्जिद पक्ष को हटाई जाने वाली 10-12 दुकानों के एवज में दूसरे स्थान पर दुकानें देने का आश्वासन भी दिया है।
गौरतलब है कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के चलते सड़क चौड़ीकरण चल रहा है। शाही मस्जिद का एक हिस्सा इस चौड़ीकरण में बाधक था। उज्जैन नगर निगम ने मस्जिद पक्ष को इस संबंध में नोटिस दिया था, जिसे चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष ने एकलपीठ के समक्ष याचिका दायर की थी जिसे कोर्ट ने 9 सितंबर को निरस्त कर दिया था। इसके बाद मस्जिद पक्ष ने युगलपीठ के समक्ष अपील प्रस्तुत की थी जो सोमवार को निरस्त हो गई।