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Indore: गणेशोत्सव और नवरात्र से पहले प्रशासन सख्त, POP मूर्तियों की बिक्री पर लगाई रोक

प्लास्टर ऑफ पेरिस, पकी मिट्टी, केमिकल या अन्य रासायनिक पदार्थों से मूर्ति बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ऐसी मूर्तियों को बाहर से इंदौर लाना या जिले स...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Wed, 19 Aug 2026 04:23:41 PM (IST)Updated Date: Wed, 19 Aug 2026 04:32:19 PM (IST)
Indore: गणेशोत्सव और नवरात्र से पहले प्रशासन सख्त, POP मूर्तियों की बिक्री पर लगाई रोक
मूर्ति निर्माताओं के साथ जिला प्रशासन की बैठक

HighLights

  1. पर्यावरण प्रदूषण को लेकर प्रशासन सख्त
  2. अब शहर में नहीं बिकेगी POP वाली मूर्तियां
  3. मूर्तियों पर लगेगा प्राकृतिक और गैर विषाक्त रंग

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गणेशोत्सव और नवरात्र से पहले प्रशासन ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली मूर्तियों के खिलाफ सख्ती शुरू की है। जिले में अब केवल परंपरागत मिट्टी से बनी भगवान गणेश और माता दुर्गा की मूर्तियों का ही निर्माण और विक्रय किया जा सकेगा।

प्लास्टर ऑफ पेरिस, पकी मिट्टी, केमिकल या अन्य रासायनिक पदार्थों से मूर्ति बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ऐसी मूर्तियों को बाहर से इंदौर लाना या जिले से बाहर ले जाना भी प्रतिबंधित रहेगा।

कलेक्ट्रेट में मंगलवार को मूर्तिकारों की बैठक हुई। इसमें अपर कलेक्टर रोशन राय ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मूर्तिकार संघ के प्रतिनिधियों के साथ एनजीटी, केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मूर्ति निर्माण में प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग हो।


पीओपी के विकल्प में पेपर जैसी सामग्री इस्तेमाल की जा सकती है। मूर्तियों पर प्राकृतिक अथवा गैर-विषाक्त रंग ही लगाए जाएंगे। केमिकल और जहरीले रंग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे।

पुराने स्टॉक पर भी नजर

प्रशासन ने पहले से पीओपी या प्रतिबंधित सामग्री से मूर्तियां तैयार करने वाले मूर्तिकारों को भी राहत नहीं दी है। ऐसे सभी मूर्तिकारों को अपने पास मौजूद पुराने स्टॉक की जानकारी लिखित में प्रशासन को देनी होगी। स्थानीय निकाय इन मूर्तियों का सत्यापन करेगा। प्रतिबंधित सामग्री से नई मूर्तियों के निर्माण की अनुमति नहीं होगी।

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बिक्री रोकना होगी चुनौती

प्रशासन ने मूर्ति निर्माण से लेकर बिक्री और परिवहन तक निगरानी की बात कही है। हालांकि, पूर्व के वर्षों में भी पीओपी की मूर्तियों पर प्रतिबंध था, लेकिन जांच के अभाव में बाजार में इनकी बिक्री होती रही। जिले में करीब एक माह से मूर्तियों का निर्माण जारी है। ऐसे में बन चुकी और बाजार में पहुंच चुकी मूर्तियों की बिक्री रोकना प्रशासन के लिए चुनौती होगा।

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