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इंदौर में बरसात के बाद गड्ढों में तब्दील देवास बायपास, हादसों को दे रहा खुलेआम दावत, वाहन चालक परेशान

जून में शिकायत मिलने के बाद एनएचएआई (NHAI) के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सर्विस रोड का जायजा लिया था और गड्ढों में पत्थर डालकर भराव किया गया। कुछ जगह इंट...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Wed, 19 Aug 2026 03:20:28 PM (IST)Updated Date: Wed, 19 Aug 2026 03:21:06 PM (IST)
इंदौर में बरसात के बाद गड्ढों में तब्दील देवास बायपास, हादसों को दे रहा खुलेआम दावत, वाहन चालक परेशान
देवास बायपास पर गड्ढों में से गुजरते वाहन

HighLights

  1. इंदौर में खस्ताहाल देवास बायपास
  2. बरसात के बाद बने बड़े-बड़े गड्ढे
  3. समाधान पर NHAI की लापरवाही

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर-देवास बायपास पर देवगुराड़िया से नायता मुंडला फ्लाईओवर के बीच सर्विस रोड की हालत लगातार खराब होती जा रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। हालात इतने खराब हैं कि दुपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को इनसे बचकर निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। रोज इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों का कहना है कि सड़क पर सफर करना अब जोखिम भरा हो गया है।

बरसात के दौरान सर्विस रोड की समस्या और गंभीर हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक का पहिया अचानक गड्ढे में उतरने से वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है और हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों के मुताबिक, सप्ताहभर पहले हुई वर्षा के दौरान सड़क के गड्ढों में पानी भर गया था। पानी सर्विस रोड के किनारे लगी दुकानों तक भी पहुंच गया था।


जून में किया था दौरा

जून में शिकायत मिलने के बाद एनएचएआई (NHAI) के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सर्विस रोड का जायजा लिया था और गड्ढों में पत्थर डालकर भराव किया गया। कुछ जगह इंटरलॉकिंग टाइल भी लगाई गई, लेकिन यह मरम्मत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। कुछ ही दिनों बाद सड़क फिर पुराने हाल में पहुंच गई। इससे निर्माण और मरम्मत एजेंसी के काम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह भी है कि यदि सड़क की मरम्मत स्थायी नहीं है तो बार-बार किए जा रहे काम का फायदा क्या है?

बना रहता है हादसे का डर

सर्विस रोड से रोज बड़ी संख्या में दोपहिया, कार, ऑटो और छोटे मालवाहक वाहन गुजरते हैं। गड्ढों के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है या बचने के लिए वाहन दूसरी तरफ मोड़ना पड़ता है। इससे पीछे से आ रहे वाहनों के टकराने का खतरा बना रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों को होती है। पानी से भरे गड्ढे में पहिया उतरते ही वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है।

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ट्रकों का कब्जा

सर्विस रोड के आसपास बड़ी संख्या में गैरेज होने से भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इससे सड़क पर लगातार दबाव पड़ता है और मरम्मत के कुछ समय बाद ही सड़क दोबारा खराब होने लगती है। वहीं सर्विस रोड और बायपास के किनारे ट्रक-बसों का कब्जा भी समस्या बढ़ा रहा है। एनएचएआई (NHAI) ने वाहनों को हटाने के लिए कई बार जिला प्रशासन को पत्र लिखे हैं। यातायात विभाग से भी कार्रवाई का आग्रह किया गया है। सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि सड़क की मरम्मत और रखरखाव में भी परेशानी आती है।

अस्थायी हल निकालते हैं अधिकारी

गैरेज संचालक मयंक गौतम बताते हैं कि सड़क की बुरी स्थिति है। बरसात होने पर वाहन निकल नहीं पाते हैं। जून में अधिकारियों ने दौरा किया था। उसके बाद पत्थर डालकर गड्ढों को भरा था, लेकिन यह स्थायी निराकरण नहीं है। व्यवस्थित ढंग से सर्विस रोड की मरम्मत जरूरी है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि सिर्फ अस्थायी हल निकालने पर ध्यान देते हैं।

बरसात खत्म होते ही करेंगे निर्माण

बायपास की सर्विस रोड को लेकर निर्माण होना है। वहां वाहन खड़े रहते हैं। इन्हें हटाए बिना काम नहीं किया जा सकता है। वैसे जिला प्रशासन और यातायात विभाग को कई बार पत्र लिखा गया है। हालांकि, सर्विस रोड के गड्ढों को भरने का काम बरसात बाद शुरू किया जाएगा। -प्रवीण यादव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई

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