
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर अभिभाषक संघ के गुरुवार को हुए वार्षिक चुनाव में गर्मी, उमस और वर्षा के बीच 65 प्रतिशत से ज्यादा मत पड़े। सुबह से ही जिला कोर्ट में मतदान के लिए वकीलों की भीड नजर आई।
सुबह 11 बजे शुरू हुआ मतदान शाम पांच बजे तक चला। 5463 मतदाताओं में से 3558 ने मतदान किया। इस वर्ष 65.12 प्रतिशत मतदान हुआ। यह पिछले वर्ष के 68.64 प्रतिशत से लगभग साढ़े तीन प्रतिशत कम है।
कोषाध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्य के दो पद आरक्षित होने की वजह से चुनाव में महिला मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह नजर आया। उन्होंने लगभग 77.22 प्रतिशत मतदान किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी विमल कुमार मिश्रा और मीडिया प्रभारी संजय मेहरा ने बताया वन बार वन वोट नियम लागू होने के बाद यह पहला अवसर है जब इतनी संख्या में वकीलों ने मतदान किया है। मतदान के करीब दो घंटे बाद मतगणना शुरू हुई। समाचार लिखे जाने तक मतगणना जारी थी। इस समय तक अध्यक्ष पद पर राकेश पाल और सचिव पद पर रोहित दातारे अन्य प्रत्याशियों के मुकाबले आगे चल रहे थे।
गुरुवार को मतदान शुरू होने के पहले ही मौसम का मिजाज प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को परेशानी दे रहा था। सुबह से ही गर्मी और उमस के बीच जिला कोर्ट के कमिश्नर गेट पर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने मतदान केंद्र तक लाइन लगाकर आने वाले सदस्यों से अपने पक्ष में मतदान की अपील करते रहे।
इस बार संघ के चुनाव में 53 प्रत्याशी खड़े हैं। सभी प्रत्याशी और उनके समर्थक अपने पक्ष में मत देने के लिए मतदाताओं से अंतिम समय तक गुहार लगाते नजर आए। शाम करीब चार बजे शुरू हुई वर्षा ने अंतिम एक घंटे मतदान की गति को धीमा कर दिया। कतार में लगे कई मतदाता वर्षा के चलते बगैर मतदान के लौट गए।
अभिभाषक संघ चुनावों में मतदान में इस बार महिला मतदाता आगे रहीं। संघ में 900 महिला मतदाता हैं। इनमें से लगभग 700 ने मताधिकार का प्रयोग किया। महिला मतदाताओं के लिए इस बार अलग से एक बूथ बनाया गया था। वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए भी दो बूथ अलग से बनाए गए थे।
चुनाव समिति ने मतदान और मतगणना के लिए 100 से ज्यादा वकीलों की ड्यूटी लगाई गई थी। वहीं मतदान और मतगणना की प्रक्रिया की सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी भी की जा रही थी।
इस बार मतगणना का काम मतगणना के दो घंटे बाद शुरू हुआ। पहले ही दौर से इसकी गति अत्यंत धीमी थी। मीडिया प्रभारी संजय मेहरा ने बताया कि सात पेटियां गिनी जाना हैं। देर रात तक तीन पेटियों के मत गिने जा चुके थे। इस समय तक अध्यक्ष पद पर राकेश पाल, उपाध्यक्ष पर जितेंद्र नींम, सचिव पर रोहित दातरे, कोषाध्यक्ष पर पल्लवी अध्यारू आगे चल रहे थे।
देर रात जिला कोर्ट में कुछ वकीलों के बीच विवाद हो गया। थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और समझाइश देने की कोशिश की। इस बीच किसी ने पत्थर फेंक दिया जो थाना प्रभारी को लगा।