
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर Indore Court News। शासकीय मैदानों को आयोजनों के लिए देने के मुद्दे को लेकर मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत जनहित याचिका में गुरुवार को पहली सुनवाई होगी। याचिका में कहा है कि याचिकाकर्ता शासकीय मैदानों को आयोजनों के लिए देने के विरोध में नहीं है, लेकिन वह सिर्फ इतना चाहता है कि इन मैदानों को आयोजन के लिए देने से पहले इस बात की जांच की जाए कि आयोजक के पास आयोजन का लायसेंस है या नहीं। उसने आयोजन के लिए पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम किए हैं या नहीं, आयोजन स्थल पर किसी तरह की गड़बड़ी होने पर आमजन के लिए मेडिकल व्यवस्था का इंतजाम किया गया है या नहीं।

हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका हरभजनसिंह नामक याचिका ने एडवोकेट विनोद द्विवेदी के माध्यम से दायर की है। उन्होंने बताया कि अक्सर देखने में आता है कि लालबाग पैलेस, दशहरा मैदान, चिमनबाग मैदान जैसे मैदानों पर बड़े-बड़े आयोजन होते हैं। जिला प्रशासन इन आयोजनों के लिए रियायती दरों पर मैदान उपलब्ध करवा देता है, लेकिन इस बात की जांच ही नहीं करता कि आयोजन के दौरान व्यवस्थाएं कैसी रहेंगी।
आयोजन में मेडिकल टीम भी नहीं होती
एडवोकेट द्विवेदी ने बताया कि कुछ दिन पहले ही एक आयोजन में एक किशोरी की झूले से उतरते ही तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। आयोजक द्वारा कहा जा रहा है कि किशोरी को मिर्गी का दौरा पड़ गया था। अगर इस बात तो मान भी लें तो भी अगर मौके पर ही मेडिकल टीम मौजूद होती तो किशोरी की जान बचाई जा सकती थी। इसी तरह कुछ दिन पहले करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
याचिका में गुहार लगाई गई है कि आयोजनों के लिए शासकीय अनुमति देने से पहले अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की जाए, इसके बाद ही आयोजन की अनुमति दी जाए। याचिका पर गुरुवार को हाई कोर्ट की युगल पीठ के समक्ष सुनवाई होना है।