
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक ऐतिहासिक और सख्त कानूनी कार्रवाई की है। महिला ड्रग तस्कर सीमा नाथ से जब्त किए गए 48.5 लाख रुपये नकद को 'सफेमा' (SAFEMA) कानून के तहत पूरी तरह से कुर्क (फॉरफीट) कर लिया गया है। इंदौर पुलिस के इतिहास में यह पहला मामला है, जहां किसी ड्रग तस्कर से जब्त नकदी को इस सख्त कानून के तहत जब्त किया गया है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी सीमा नाथ को 24 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके पास से 516 ग्राम अवैध हिरोइन और 48.5 लाख रुपये नकद बरामद किए थे।
पुलिस जांच में यह साफ हुआ कि आरोपी महिला ने यह पूरी संपत्ति अवैध रूप से नशीले पदार्थों की तस्करी करके कमाई थी।
मामले की सुनवाई करते हुए मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) ने आरोपी सीमा नाथ को अपनी सफाई और दस्तावेज पेश करने का मौका दिया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान न तो वह खुद पेश हुई और न ही उसकी तरफ से कोई प्रतिनिधि या लिखित जवाब दाखिल किया गया। इसके बाद प्राधिकारी ने 'स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट' (SAFEMA) के तहत राशि कुर्क करने के आदेश की पुष्टि कर दी।
डीसीपी त्रिपाठी के अनुसार, सीमा नाथ के खिलाफ कुल 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से तीन मामले सीधे तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े हैं। 'सफेमा' कानून का मुख्य उद्देश्य तस्करों और अवैध कारोबारियों द्वारा जमा की गई बेनामी व अवैध संपत्तियों को जब्त करना है, ताकि इस तरह के अपराधों से मिलने वाले वित्तीय लाभ को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
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