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अब रीगल, पलासिया, विजय नगर सहित इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों का पता लगेगा वेदर फोरकास्ट

एसजीआईटीएस कॉलेज और एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने मिलकर शहर के लिए डिटेक्टर सिस्टम तैयार किया है।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Thu, 09 Jul 2026 11:07:23 AM (IST)Updated Date: Thu, 09 Jul 2026 11:21:54 AM (IST)
अब रीगल, पलासिया, विजय नगर सहित इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों का पता लगेगा वेदर फोरकास्ट
इंदौर के अलग-अलग इलाकों का मिलेगा वेदर अपडेट।

HighLights

  1. इस सिस्टम से पता चलेगा कि किस क्षेत्र में कितनी बारिश हुई, हवा की गुणवत्ता कैसी है
  2. सारा डेटा इकट्ठा कर एआई बताएगा कि कहां बारिश, धूप या उमस होगी
  3. कृषि विश्वविद्यालय, रीजनल पार्क, रीगल चौराहा, पलासिया और विजय नगर को इससे जोड़ा गया

डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर शहर में कभी एयरपोर्ट इलाके में बारिश होती है, तो विजय नगर में नहीं होती। कभी अन्नपूर्णा क्षेत्र में धूप छाई रहती है और भंवरकुआं में बादल बरस जाते हैं। बढ़ते इंदौर के साथ अब शहर का मौसम भी अलग-अलग रहता है।

एसजीआईटीएस कॉलेज और एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने मिलकर शहर के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अनुमान लगाने के लिए डिटेक्टर सिस्टम बनाया है। इसमें अभी कृषि विश्वविद्यालय, रीजनल पार्क, रीगल चौराहा, पलासिया और विजय नगर क्षेत्र को जोड़ा गया है।


इस डिटेक्टर के जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में मौसम में होने वाले परिवर्तन का पता लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही किस इलाके में कितनी बारिश हुई यह भी पता लगेगा। वहीं उस इलाके में वायु की गुणवत्ता की जानकारी भी मिलेगी।

एआई बताएगा मौसम का हाल

इंदौर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से मिला मौसम का डाटा सिस्टम में एकत्रित किया जाएगा। इसके बाद एआई के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि किस इलाके का मौसम कैसा रहेगा। कहां बारिश होगी और कहां धूप और उमस परेशान करेगी।

इसका इस्तेमाल हवा की गति और दिशा पता लगाने में भी किया जाएगा। इसके साथ ही मौसम ज्यादा खराब होने पर आपदा प्रबंधन के लिए भी इसके डेटा का उपयोग किया जा सकेगा।

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