इंदौर के गोपाल मंदिर में व्यापारी से मारपीट के विरोध में 212 दुकानें बंद, गिरफ्तारी की मांग
इंदौर में व्यापारी से मारपीट के विरोध में 212 दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों ने गिरफ्तारी की मांग की। राजवाड़ा में फुटपाथ के ठीयों के कारोबार पर भी सवा...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 12:01:52 PM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 12:01:52 PM (IST)
इंदौर के गोपाल मंदिर में व्यापारी से मारपीट के विरोध में दुकानें बंद। (नईदुनिया)HighLights
- गोपाल मंदिर में मारपीट के विरोध में 212 दुकानें बंद।
- व्यापारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की।
- एफआईआर में देरी और आरोपितों की पहचान नहीं होने पर नाराजगी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: गोपाल मंदिर क्षेत्र में व्यापारी के साथ मारपीट और कथित रूप से चाकू-कट्टे से धमकाने के विरोध में शनिवार को व्यापारी सड़क पर उतर आए। गोपाल मंदिर शापिंग हेरिटेज की 212 दुकानें बंद रखकर व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लेकर व्यापारियों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की। व्यापारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए विधायक गोलू शुक्ला से भी शिकायत की।
मामला सराफा थाना क्षेत्र में गोपाल मंदिर के समीप फुटपाथ पर दुकान लगाने को लेकर हुए विवाद का है। व्यापारी नितेश चौरसिया का आरोप है कि विवाद के दौरान कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और चाकू-कट्टे से धमकाया। नितेश ने थाने पहुंचकर शिकायत की थी।
एफआइआर दर्ज करने में घंटों लगा दिए
- व्यापारियों का आरोप है कि शिकायत के बाद एफआइआर दर्ज करने में पुलिस ने कई घंटे लगा दिए। उनका यह भी कहना है कि घटना में शामिल चार बदमाशों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। इसी को लेकर व्यापारियों ने एसीपी से शिकायत कर कार्रवाई पर नाराजगी जताई। बाद में व्यापारी विधायक गोलू शुक्ला से मिले और पूरी घटना बताई।
- विधायक गोलू शुक्ला ने एसीपी से फोन पर चर्चा कर आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी जताई और 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद व्यापारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की और पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा तथा त्वरित कार्रवाई की मांग की।
जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में कलेक्टर के निर्देश
बैठक के दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी पात्र महिलाओं के प्रकरणों में अनावश्यक दस्तावेज नहीं मांगने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि बैंकिंग प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होना चाहिए, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो। उन्होंने बैंकों से कहा कि लोन और अन्य योजनाओं के आवेदन में केवल आवश्यक दस्तावेज ही लिए जाएं, जिससे महिलाएं बिना अटकाव के अपना काम करवा सकें।
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राजवाड़ा में ‘ठीया माफिया’ का आतंक
- राजवाड़ा क्षेत्र में दुकानदारों और फुटपाथ पर कारोबार करने वालों के बीच विवाद की वजह महज जगह नहीं, बल्कि फुटपाथ के ठीयों का कारोबार बताया जा रहा है। आरोप है कि वीनू, छंगा और अयाज नाम के लोग फुटपाथ पर बैठने के लिए ठीये उपलब्ध कराते हैं। एक व्यक्ति के पास ही 20 से 40 ठीये होने की बात सामने आई है। इनकी कीमत भी जगह और दिन के हिसाब से तय होती है।
- आरोप है कि एक ठीया 300 से 1400 रुपये तक में बेचा जाता है। शनिवार-रविवार को भीड़ और ग्राहकी बढ़ने के साथ ठीयों की मांग भी बढ़ जाती है, लिहाजा कीमत मनमाने तरीके से तय होने का आरोप है। सबसे गंभीर आरोप निगम के कुछ कर्मचारियों से सांठगांठ का है। व्यापारियों का आरोप है कि निगमकर्मियों की मौजूदगी या जानकारी में ठीये बांटे जाते हैं और फिर मनमाने दाम पर फुटपाथ की जगह दी जाती है।
- व्यापारियों ने कहा कि फुटपाथ सार्वजनिक संपत्ति है, लेकिन यहां माफिया का कब्जा है। व्यापारियों ने मांग की है कि ठीया माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त करें। साथ ही निगम प्रशासन से अपेक्षा की कि ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई करे, जो इस गैर कानूनी धंधे में शामिल हैं। पुलिस व निगम अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।