Indore ke Shilpi : विनोद अग्रवाल, इंदौर। देश-दुनिया के उद्योग जगत में इंदौर को नई ऊंचाइयां देने का श्रेय उद्योगपति और समाजसेवी विनोद अग्रवाल को जाता है। आज उनकी पहचान प्रदेश के सबसे अमीर और बड़े दानदाता के साथ-साथ सबसे अधिक आयकर और जीएसटी जमा करने वाले व्यक्ति के रूप में है। उनकी इन उपलब्धियों की चर्चा आए दिन विभिन्न धार्मिक-सामाजिक और राजनीतिक मंचों के माध्यम से सुनाई देती है। उनके द्वारा 15 साल पहले बनाए गए बालाजी सेवार्थ विनोद अग्रवाल फाउंडेशन ट्रस्ट के जरिए भी विभिन्न लोक कल्याण की सेवा गतिविधियों का संचालन किया जाता है।

पिछले दिनों आइआइएफ हुरून द्वारा जारी भारत के एक हजार करोड़ से अधिक संपत्ति वाले 1037 लोगों की सूची में कोल कारोबारी अग्रवाल का नाम 279वें स्थान पर आया है। पिछले वर्ष उनका नाम 494वें स्थान पर था। इस बार उन्होंने 215 पायदान की बढ़त ली है। उनके अग्रवाल कोल कार्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड का नेटवर्थ छह हजार करोड़ और कंपनी का टर्न ओवर 11 हजार करोड़ का है। उन्होंने 2022 में 243 करोड़ का आयकर और 625 करोड़ रुपये का जीएसटी जमा किया। इनकी पहचान अग्रवाल कोल कार्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड और व्यक्तिगत तौर पर प्रदेश के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले व्यक्ति के रूप में है।

14 साल की उम्र से संभालने लगे व्यवसाय - हरियाणा में जमीदारी से जुड़ा उनका परिवार 1965 में इंदौर आकर बसा था। उस समय उनकी उम्र सिर्फ दो साल थी। उनके पिता ने पहले नौकरी की और इसके बाद ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय शुरू किया। इसके बाद धीरे-धीरे कोयले के कारोबार से जुड़ते गए। उन्होंने कक्षा आठवीं तक विद्या विजय बाल मंदिर और फिर 9वीं से 12वीं तक शिक्षा दयानंद हायर सेकंडरी स्कूल से पूरी की। उन्होंने सिर्फ 14-15 साल की उम्र से व्यवसाय संभालना शुरू कर दिया। इसके लिए उन्होंने गुजरात-राजस्थान की यात्राएं की। इस दौरान भी उनकी पढ़ने में रुचि बनी रही। इसके चलते 12वीं की परीक्षा में उनका नाम प्रदेश की मेरिट लिस्ट में रहा।

व्यक्ति जैसा है वैसा ही रहना चाहिए - उनका मानना है कि व्यक्ति को जैसा है वैसा ही रहना चाहिए। आप उसी जीवनशैली को अपनाएं जिसे संभाल सकते हैं। कहने का मतलब इतना है कि मारुति वहन कर सकते हैं तो उसे ही वहन करें और क्षमता मर्सिडीज की है तो उसे चलाएं। न कंजूसी अच्छी और न ही फिजूल खर्ची उपयुक्त है।

25 करोड़ दान कर शामिल हुए परोपकारी की सूची में - 25 करोड़ रुपये दान देने के कारण एडलगिव इंडिया ने अग्रवाल का नाम परोपकारी सूची 2022 में शामिल किया। इस सूची में शामिल होने वाले वे मध्य प्रदेश के पहले और देश के 34वें व्यक्ति हैं। समाजसेवा से उनका जुड़ाव पहले से था। दान का सिलसिला सालासर बालाजी से शुरू हुआ। उनका परिवार एक बार जीणमाता के दर्शन करते हुए सालासर बालाजी के दरबार में पहुंचा। हनुमानजी के इस रूप को देखना उनके लिए विशेष था। इसके बाद यहां संचालित होने वाली विभिन्न सेवा गतिविधियों में दान दिया।

Posted By: Hemraj Yadav

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