
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में इंदौर नगर निगम की ओर से एक और प्रयास शुरू होगा। नगर निगम शहर में निकलने वाले अनुपयोगी प्लास्टिक को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को उपलब्ध कराएगा। प्राधिकरण इसका उपयोग सड़क निर्माण में करेगा। इससे सड़कों की मजबूती तो बढ़ेगी ही, इंदौर नगर निगम को आर्थिक लाभ भी होगा। प्रयोग की शुरुआत इंदौर से ही होगी, सफलता मिलने पर प्राधिकरण इसे अन्य शहरों में भी लागू करेगा।
बता दें कि इंदौर नगर निगम घरों से निकलने वाले कचरे को छह तरह से अलग-अलग करता है। इसमें करीब 600 टन से ज्यादा सूखा कचरा होता है। इस सूखे कचरे में बड़ा हिस्सा प्लास्टिक का होता है। इसके अलावा नगर निगम की टीमें भी कार्रवाई कर सिंगल यूज प्लास्टिक, डिस्पोजेबल आइटमें, पालिथीन इत्यादि जब्त करती हैं। इस अनुपयोगी प्लास्टिक को ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगे प्लांट तक भेजा जाता है।
अब योजना इस अनुपयोगी प्लास्टिक को पहले छोटे-छोटे टुकड़ों में करने की है। कुछ मिमी साइज के इन प्लास्टिक के टुकडे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को बेचे जाएंगे। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि उम्मीद है नगर निगम और राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच जल्द ही इस संबंध में अनुबंध होगा। प्राधिकरण ने निगम को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा है।
अनुपयोगी प्लास्टिक को छोटे-छोटे (दो एमएम से पांच एमएम तक) टुकड़ों में करने के बाद इस प्लास्टिक के बुरादे को प्राधिकरण को बेचा जाएगा। सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जाने वाली गिट्टी में प्लास्टिक के इस बुरादे को मिलाकर उच्च ताप पर गर्म किया जाएगा। इससे प्लास्टिक की एक परत गिट्टी पर चढ़ जाएगी। इस गिट्टी को तारकोल के साथ मिलाकर सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा।