
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। टैक्स की राशि एक लाख रुपये से कम होने पर अब नगर निगम चेक स्वीकार नहीं करेगा। करदाता को टैक्स का भुगतान नकद ही करना होगा। इस संबंध में आदेश जारी हो गए हैं। आदेश जारी होने के साथ ही इसका विरोध भी शुरू हो गया है।
निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने निगम के राजस्व विभाग द्वारा एक लाख रुपये से कम राशि के टैक्स को चेक से जमा करने पर लगाए गए प्रतिबंध का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि निगम के राजस्व विभाग के अधिकारियों की मनमानी पर लगाम लगाना जरूरी है।
राजस्व विभाग में मनमानी का राज हो गया है। अधिकारी मनमाना फैसला लेकर इंदौर की जनता को परेशान कर रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में नगर निगम के राजस्व विभाग ने निर्णय लिया है कि जिन लोगों की टैक्स की राशि एक लाख रुपये से कम है, वे चेक के माध्यम से टैक्स जमा नहीं कर सकेंगे। टैक्स की राशि एक लाख रुपये से कम होने पर नगर निगम संबंधित राशि का चेक स्वीकार नहीं करेगा। ऐसे लोगों को नकद ही भुगतान करना होगा।
मिमरोट ने बताया कि चूंकि निगम में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की निर्वाचित परिषद अस्तित्व में है, ऐसी स्थिति में इस तरह का कोई भी निर्णय बगैर निगम परिषद की स्वीकृति के नहीं लिया जा सकता। चेक के माध्यम से टैक्स जमा करने की सुविधा वापस नहीं ली जा सकती।
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चेक अनादरित होने पर करदाता को अतिरिक्त शुल्क देना होता था। इस वजह से परेशानी होती थी। यही वजह है कि टैक्स की राशि एक लाख रुपये से कम होने पर नकद भुगतान की व्यवस्था लागू की गई। इसमें कुछ अनियमितता नहीं है। - निरंजनसिंह चौहान, राजस्व समिति प्रभारी