• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

इंदौर नगर निगम का नवाचार: कबाड़ से सजे शहर के ‘वेस्ट टू वंडर पार्क’ फैला रहे जागरूकता

वेस्ट टू वंडर पार्कों में पुराने कबाड़, लोहे के स्क्रैप, टायर, पाइप, मशीनों के हिस्सों तथा अन्य बेकार सामग्री से आकर्षक और कलात्मक संरचनाएं तैयार की ग...और पढ़ें

By Kuldeep BhawsarEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Wed, 27 May 2026 10:21:55 AM (IST)Updated Date: Wed, 27 May 2026 10:21:55 AM (IST)
इंदौर नगर निगम का नवाचार: कबाड़ से सजे शहर के ‘वेस्ट टू वंडर पार्क’ फैला रहे जागरूकता
वेस्ट टू वंडर पार्क में तैयार कलाकृतियां। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. सही सोच और नवाचार को अपनाएं तो कबाड़ भी उपयोगी और आकर्षक बन सकता है
  2. नगर निगम द्वारा फोर आर सिद्धांत पर काम करते हुए वेस्ट टू वंडर पार्क विकसित किए जा रहे हैं
  3. बेकार सामग्री से आकर्षक और कलात्मक संरचनाएं तैयार की गई हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। स्वच्छता और नवाचार के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने वाला इंदौर अब अनुपयोगी वस्तुओं के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी शानदार काम कर रहा है।

इंदौर नगर निगम द्वारा फोर आर सिद्धांत पर काम करते हुए वेस्ट टू वंडर पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसके तहत रिड्यूस, रीयूज, रीसायकल और रिकवर का सिद्धांत अपनाते हुए शहरभर में निकलने वाले पुराने और अनुपयोगी सामान का उपयोग कर नवाचार किया जा किया जा रहा है। वेस्ट टू वंडर पार्कों में पुराने कबाड़, लोहे के स्क्रैप, टायर, पाइप, मशीनों के हिस्सों तथा अन्य बेकार सामग्री से आकर्षक और कलात्मक संरचनाएं तैयार की गई हैं।

निगम द्वारा विकसित ये “वेस्ट टू वंडर” पार्क शहर के विभिन्न गार्डनों जैसे नाना-नानी गार्डन, ग्लोबल गार्डन, यूरेशिया पब्लिक पार्क, केशव वाटिका गार्डन, विश्राम बाग इत्यादि में स्थापित किए गए हैं। इन स्थानों पर लगाई गई कलाकृतियां नागरिकों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रही हैं।


साथ ही ये पार्क लोगों को यह संदेश भी दे रहे हैं कि बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं का भी रचनात्मक तरीके से उपयोग किया जा सकता है। इन कलात्मक संरचनाओं के माध्यम से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाई जा रही है बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के सही उपयोग के प्रति जनजागरूकता भी फैल रही है। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोग इन पार्कों को देख प्रेरित हो रहे हैं। ये पार्क सिद्ध कर रहे हैं कि सही सोच और नवाचार को अपनाया जाए तो कबाड़ भी उपयोगी और आकर्षक बनाया जा सकता है।

लोगों को प्रेरित भी कर रहा निगम

वेस्ट टू वंडर पार्क का उद्देश्य सिर्फ शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना ही नहीं, बल्कि नागरिकों को फोर आर सिद्धांत अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। इस की अवधारणा है कि अगर लोग अपने घरों और आसपास निकलने वाले पुराने सामान का पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण करना शुरू करें, तो कचरे की मात्रा में कमी लाई जा सकती है साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। निगम की यह पहल स्वच्छता, नवाचार और जनभागीदारी का बढ़िया उदाहरण बनकर सामने आई है। “वेस्ट टू वंडर” पार्क शहरवासियों को प्रेरणा दे रहे हैं कि रचनात्मक सोच और सामूहिक प्रयासों से अनुपयोगी वस्तुओं को भी समाज के लिए उपयोगी एवं सुंदर बनाया जा सकता है।

इंदौर नगर निगम के ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट पर सवाल: बिचौली हप्सी और हरना गांव के भूजल प्रदूषित होने के लगे आरोप