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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Indore News: इंदौर में कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय के दल बदलते ही पूरा शुक्ला कुनबा अब भाजपा के साथ

कमल नाथ को छोड़ देपालपुर के पूर्व विधायक विशाल पटेल भी अब हुए पचौरी गुट के भाजपाई।

By Lokesh SolankiEdited By: Hemraj Yadav
Publish Date: Sat, 09 Mar 2024 06:26:52 PM (IST)Updated Date: Sat, 09 Mar 2024 06:26:52 PM (IST)
Indore News: इंदौर में कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय के दल बदलते ही पूरा शुक्ला कुनबा अब भाजपा के साथ

HighLights

  1. संजय के पिता विष्णुप्रसाद शुक्ला की गिनती इंदौर में भाजपा संगठन को खड़ा करने वाले पुराने नेताओं में होती है।
  2. शुक्ला परिवार से पहले विष्णुप्रसाद शुक्ला और फिर उनके बेटे और संजय के भाई राजेंद्र शुक्ला भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
  3. संजय शुक्ला पहले पार्षद बने और फिर कांग्रेस से विधायक बन शुक्ला परिवार में विधायक नहीं बनने का मिथक भी तोड़ा था।

Indore News: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय शुक्ला के दल बदलने के साथ ही विष्णुप्रसाद शुक्ला का पूरा कुनबा अब भाजपा के साथ हो गया है। पूर्व विधायक संजय शुक्ला के पिता विष्णु प्रसाद शुक्ला की गिनती इंदौर में भाजपा संगठन को खड़ा करने वाले पुराने नेताओं में होती है। शुक्ला परिवार से पहले विष्णुप्रसाद शुक्ला और फिर उनके बेटे और संजय के भाई राजेंद्र शुक्ला भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। दोनों ही भाजपा के उम्मीदवार थे, लेकिन पराजित हुए और विधायक नहीं बन सके। संजय शुक्ला पहले पार्षद बने और फिर कांग्रेस से विधायक बनकर शुक्ला परिवार में विधायक नहीं बनने का मिथक भी तोड़ दिया। अब पार्टी बदलने के साथ ही पूरा कुनबा भगवा हो गया है।

संजय शुक्ला पहले संघ और भाजपा से जुड़े रहे हैं। हालांकि दिग्विजय सिंह सरकार के कार्यकाल में 90 के दशक में संजय शुक्ला ने कांग्रेस ज्वाइन करने का फैसला लिया था। वे सुदामा नगर वार्ड से कांग्रेस के पार्षद चुने भी गए थे। संजय वैसे तो कांग्रेस के पार्षद रहे, लेकिन वर्ष 2004 में जब भाजपा ने उनके बड़े भाई राजेंद्र शुक्ला को टिकट दिया था। उस समय मतदान के चार दिन पहले संजय ने खुलकर भाजपा का काम चुनाव में किया। तब राजेंद्र के सामने चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व विधायक अश्विन जोशी ने प्रमाण सहित उनकी शिकायत कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों से की थी। हालांकि संजय शुक्ला कांग्रेस में बने रहे। इसके बाद वे लंबे समय तक सक्रिय नहीं दिखे।


पहले भी भाजपा में जाने की अफवाह चली थी

2019 में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने संजय को क्षेत्र एक से उम्मीदवार घोषित कर दिया। संजय चुनाव लड़े और विधायक भी बन गए। 16 महीनों में सरकार गिरी तो सिंधिया के साथ संजय के भाजपा में जाने की अफवाहें चली। सुरेश पचौरी को संजय का कांग्रेस मं राजनीतिक गुरु माना जाता रहा है। हालांकि न तो पचौरी ने कांग्रेस छोड़ी और ना ही संजय शुक्ला ने। इसके बाद कांग्रेस ने महापौर चुनाव के दौरान भी संजय पर ही भरोसा जताया और उन्हें उम्मीदवार बनाया। हालांकि संजय सक्रिय राजनीति के नए नाम भाजपा के पुष्यमित्र भार्गव से सवा लाख से ज्यादा वोटों से चुनाव हार गए।

तीन महीने पहले ईवीएम पर लगाया था आरोप

महापौर चुनाव की हार के बाद संजय शुक्ला 2023 में विधानसभा चुनाव लड़े। इन चुनाव में भी वे हार गए। परिणाम के बाद तीन महीने पहले विधानसभा क्षेत्र एक के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में संजय ने बयान दिया और हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा। तब उन्होंने कहा था कि वे चुनाव हारे नहीं ईवीएम ने उन्हें चुनाव हराया है। इस चुनाव में संजय के सामने कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय को भाजपा ने खड़ा किया था।

देपालपुर के कांग्रेस के पूर्व विधायक विशाल पटेल भी भाजपा में

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संजय शुक्ला के भाजपा में जाने के बाद इंदौर के राजनीतिक समीकरण भी बदल गए हैं। संजय शुक्ला के साथ देपालपुर क्षेत्र से पूर्व विधायक विशाल पटेल भी भाजपा में गए हैं। शुक्ला को तो साढ़े तीन साल पहले भी भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था, जब ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हुए थे। हालांकि तब शुक्ला नहीं गए, लेकिन अपने राजनीतिक गुरु सुरेश पचौरी के साथ वे अब भाजपा में शामिल हो गए।

विशाल पटेल भी पचौरी के सहारे

विशाल पटेल पहले कमल नाथ के करीबी माने जाते थे। बीते दिनों नाथ के भाजपा में जाने की खबरें चली तब पटेल को पार्टी बदलने का इंतजार था। नाथ तो कांग्रेस में ही रहे। अब जब शुक्ला ने पार्टी छोड़ी तो शुक्ला और सुरेश पचौरी के सहारे पटेल भी भाजपा में चले गए हैं। विशाल के पिता जगदीश पटेल भी देपालपुर के कांग्रेस विधायक रह चुके हैं।