.webp)
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। रंगपंचमी पर इंदौर में निकलने वाली पारंपरिक गेर को यूनेस्को में शामिल करवाने के लिए विगत वर्षो से लगातार प्रयास किए जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा विगत वर्ष गेर को यूनेस्को में सांस्कृतिक धरोहर के रुप में दर्ज करवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। विगत वर्ष यूनेस्को द्वारा गुजरात के गरबे को सांस्कृतिक धरोहर श्रेणी में शामिल किया गया। यूनेस्को द्वारा दो वर्ष में एक बार भारत या अन्य देश की किसी धरोहर को शामिल किया जाता है।
ऐसे में अब यह संभावना जताई जा रही है कि वर्ष 2025 में इंदौर की गेर को यूनेस्को द्वारा सांस्कृतिक धरोहर के रुप में मान्य कर दर्ज किया जाएगा। यही वजह है कि पिछली साल की तरह इस बार भी पारंपरिक गेर के दौरान जिला प्रशासन द्वारा यूनेस्को को इस आयोजन की दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया के लिए विशेष विडियोग्राफी व फोटो ग्राफ तैयार कर भेजे जाएंगे।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष जिला प्रशासन ने संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से इंदौर की गेर को यूनेस्को में शामिल करवाने का प्रस्ताव भेजा था। अब जिला प्रशासन द्वारा प्रदेश शासन के माध्यम से इस संबंध में पत्र संस्कृति मंत्रालय को भेजा जाएगा ताकि अगले वर्ष इंदौर की गेर को यूनेस्कों की धरोहर सूची में शामिल करवाया जा सके।