
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : वर्षा न होने व बादल न होने के कारण पिछले तीन दिन से सूरज के तीखे तेवर शहरवासियों को परेशान कर रहे है। यही वजह है कि सर्दी के सीजन में अब घरों व प्रतिष्ठानों में कूलर, पंखे व एसी का उपयोग लोग कर रहे है।
शहरवासी दिनभर गर्मी, उमस और तपिश से परेशान होते रहे। बारिश के मौसम में उमस भरी गर्मी से हलाकान लोग ठंडक पाने के उपाय करते रहे। शहरवासियों को अब भी झमाझम बारिश का इंतजार है। तेज बारिश से मौसम में ठंडक छाने की राह शहरवासी देख रहे हैं।
बुधवार दोपहर में भी शहरवासियों को दोपहर में तपिश का अहसास हुआ। बुधवार को दिन का तापमान इस सीजन के सर्वोच्च स्तर पर रहा। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक था। बीते 10 वर्षो में बुधवार को सितंबर में सबसे गर्म रहा। इंदौर में 27 सितंबर 1987 को उच्चतम अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में बंगाल की खाड़ी पर एक एक अवदाब क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से आगामी दिनों में पूर्वी मप्र में वर्षा होगी। वही इंदौर सहित पश्चिमी मप्र में 25 व 26 सितंबर को बूंदाबांदी होने की संभावना है। इसी प्रभाव से इंदौर में गुरुवार को बादल छाएंगे। ऐसे में आगामी तीन से चार दिनों में बादल व बूंदाबांदी के कारण पारे की रफ्तार पर रोक लगेगी लेकिन गर्मी व उमस का असर बरकरार रहेगा।
| शहर | अधिकतम तापमान |
| ग्वालियर | 35.4 |
| उज्जैन | 35.0 |
| श्योपुर | 34.4 |
| धार | 34.1 |
| इंदौर | 34.0 |
| खुजराहो | 34.0 |
| राजगढ़ | 34.0 |
| रतलाम | 34.0 |
नाेट : तापमान डिग्री सेल्सियस में
| वर्ष | तापमान |
| 2017 | 34.6 |
| 2018 | 34.4 |
| 2020 | 34.0 |
नाेट : तापमान डिग्री सेल्सियस में
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