
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अमृत 2.0 प्रोजेक्ट के तहत इंदौर (Indore Water Crisis) में 40 नई टंकियां बनाई जानी हैं। शहर की 550 किमी लंबी पुरानी लाइनों को भी इसी प्रोजेक्ट के अंतर्गत बदला जाना है। यह काम चार पैकेज में किया जाएगा, लेकिन अब तक सिर्फ एक पैकेज के लिए ही एजेंसी तय हो सकी है। ऐसी स्थिति में सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि टंकियों के निर्माण और पुरानी पाइप लाइनों को बदले को लेकर निगम कितना गंभीर है।
जल्द ही एजेंसियां तय नहीं हुई तो अमृत 2.0 प्रोजेक्ट के कामों को सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करना मुश्किल हो जाएगा। इंदौर में वर्ष अमृत 1 प्रोजेक्ट के तहत करीब 600 करोड़ रुपये के कार्य हुए थे। इस प्रोजेक्ट के तहत पानी की 27 टंकियां बनाई गई थी। इसके अलावा पेयजल वितरण लाइन भी इसी प्रोजेक्ट में बिछाई गई थी। अमृत 2.0 प्रोजेक्ट की लागत करीब दो हजार करोड़ रुपये है। प्रोजेक्ट के अंतर्गत बनाई जाने वाली 40 पेयजल टंकियों के बाद इंदौर में कुल टंकियों की संख्या सौ से अधिक हो जाएगी।
इसी प्रोजेक्ट के अंतर्गत 550 किमी पुरानी लाइनों को बदलने के साथ ही 1400 किमी की नई नर्मदा पाइप लाइन बिछाई जाना है। यह पूरा काम चार पैकेज में किया जाना है। पहले पैकेज के अंतर्गत कोलकोता की एक एजेंसी को जलूद में 1650 एमएलडी का इंटेकवेल, 400 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का काम सौंपा गया है। नई पाइप लाइन बिछाने, पुरानी पाइप लाइनों को बदलने और टंकियों के निर्माण के लिए अब तक एजेंसी ही तय नहीं हुई है।
शहर में करीब 650 किमी लंबी पुरानी पाइप लाइनें हैं जिन्हें चरणबद्ध तरीके से बदला जाना है। अमृत 2.0 प्रोजेक्ट में इनमें से करीब 550 किमी पुरानी लाइनों को शामिल किया गया है। दरअसल पुरानी लाइनों को बदलना नई लाइन बिछाने से ज्यादा मुश्किल है। जिस स्थानों पर अमृत 2.0 प्रोजेक्ट के अंतर्गत काम होना है उनमें कई पुरानी बस्तियां हैं। इन बस्तियों में सड़कें और गलियों की चौड़ाई अत्यंत कम है।
ऐसी स्थिति में एजेंसी के लिए नई लाइन बिछाना और पुरानी लाइनों को बदलना दोनों ही आसान नहीं होंगे। हालांकि, फिलहाल तो इस कार्य के लिए एजेंसी ही तय नहीं हो सकी है। ऐसी स्थिति में शहरवासियों को फिलहाल तो अगले दो-तीन वर्ष तक दूषित पानी की समस्या से ऐसे ही जूझना होगा। चिंता की बात यह भी है कि शहर में ज्यादातर पुरानी लाइनें सीमेंट हैं। इनके टूट-फूट की आशंका ज्यादा होती है।
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