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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : शहर की 103 वर्ष से चली आ रही अनंत चतुर्दशी पर निकलने की झांकियों की परंपरा एकबार फिर 25 सितंबर को जीवित होगी। इसके लिए झांकियां बनकर तैयार हो चुकी है और अब विद्युत सज्जा के साथ पुतलों अन्य कार्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
इस वर्ष पारंपरिक धार्मिक के साथ ही समाजिक सरोकार के विषयों को झांकियों में संजोया गया है। इसमें एआइ, थ्रीडी और हाइड्रोलिक तकनीक का उपयोग किया गया है। पहली बार राजकुमार मिल की एक झांकी दो ट्रोलों को जोड़कर 60 फीट लंबी बनाई गई है। भगवान विष्णु का असुर मधु और केटभ का युद्ध होगा। इसके साथ ही जगन्नाथ रथयात्रा और अशोक वाटिका की झांकी भी नजर आएगी।
आधुनिक तकनीक, चलित माडल, रोशनी और ध्वनि प्रभावों के संयोजन से कल्याणमिल की नारी शक्ति की थीम पर बनी झांकी में अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला को अंतरिक्ष यान से 18 फीट उंचे जाते हुए दिखेंगे। इसके अतिरिक्त भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की झांकी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।इसके साथ ही स्वदेशी मिल की तीन झांकियों में नशा मुक्त हो भारत हमारा की समाजिक सरोकार के साथ रुद्र अवतार, शुंभ,-निशुम्भ वध भी दिखाई देगा।
103 वर्ष से चली आ रही मिलों की झांकी निर्माण की कड़ी में हकुमचंद मिल द्वारा सिंदूरासूर राक्षस वध की झांकी आकर्षण का केंद्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र श्रीवंश के अनुसार इसमें राक्षस की उत्पत्ति, भगवान गणेश से युद्ध और सिंदूर अर्पित होने की कथा को समायोजित किया गया है। इसके साथ ही दूसरी झांकी बाली और सुग्रीव युद्ध पर आधारित है। इसमें युद्ध के कारणों पर भी प्रकाश डाला गया है।तीसरी पारंपरिक श्रेणी की झांकी में वट सावित्री व्रत की पौरानिक कथा को विस्तार से संजोया गया है।
बिना किसी अनुदान लिए होप टेक्सटाइल्स मिल द्वारा झांकी निर्माण किया जाता है। अध्यक्ष करुणेश द्विवेदी ने बताया कि इस वर्ष दो झांकियां बनाई गई है। इसमें पहले झांकी गणेश आराधना पर आधारित है। इसमें निर्विघ्न रूप से कार्य समाप्ति के लिए देवताओं द्वारा गणेश आराधना को दर्शया गया है। इसके साथ ही दूसरी झांकी में भगवान शिव की बारात रहेगी।इसमें नंदी, भूतप्रेत और देवता होंगे। साथ ही मस्तक पर चंद्रामा धारण शिव का दुल्हे के रूप में स्वरूप आकर्षण का केंद्र होगा।
मालवा मिल द्वारा बनाई गई तीन झांकियों में द्वितीय झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र है। अध्यक्ष कैलाश कुशवाह के अनुसार इसमें नवरंग फिल्म पर आधारित गीत पर चंद्रमा और रोहिणी के विवाह को दर्शाया गया।इसके साथ ही आधुनिक संयोजन से सजाई गई मछली जल की रानी है विषय पर बनी झांकी में समुद्री संसार को दर्शाया गया है। इसमें आक्टोपस, विभिन्न मछलियां, केकड़ा और छोटी-छोटी मछलियां नजर आएंगी।अंतिम झांकी शिव बारात पर आधारित है।