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इंदौर जल त्रासदी... लापरवाही से लेकर एक्शन तक, जानें अबतक क्या हुआ?

Indore Water Crisis: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल आपूर्ति से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। इस त्रासदी के बाद मुख्यमंत्री ने निगमायुक्त सहित कई...और पढ़ें

By ADITYA KUMAREdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 04 Jan 2026 04:28:28 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Jan 2026 04:28:28 PM (IST)
इंदौर जल त्रासदी... लापरवाही से लेकर एक्शन तक, जानें अबतक क्या हुआ?
Indore Water Crisis: इंदौर जल त्रासदी

HighLights

  1. इंदौर जल त्रासदी: दूषित पानी से 16 मौतें, 35 से ज्यादा लोग अस्पताल में
  2. प्रशासनिक गाज: लापरवाही पर निगमायुक्त सहित तीन बड़े अधिकारी सस्पेंड
  3. बैक्टीरिया का खौफ: पानी में मिले ई-कोलाई और शिगेला जैसे घातक बैक्टीरिया

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी (Indore Water Crisis) पीने से होने वाली मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 35 से अधिक लोग गंभीर हालत में अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। सभी मरीजों में उल्टी-दस्त और संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। साथ ही कई मरीज आए दिन अस्पताल में भर्ती हो रहे है। ऐसे में आइए जानते है कि इस घटना में अबतक क्या-क्या हुआ...

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प्रारंभिक चरण: भागीरथपुरा (Bhagirathpura Water Crisis) क्षेत्र में पिछले कई दिनों से नर्मदा पाइपलाइन से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा था। रहवासी दूषित पानी पीने को मजबूर थे, जिसके कारण लोग उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर अस्पतालों में पहुंचने लगे।


मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी और स्थिति अनियंत्रित होने लगी। इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारी लापरवाह बने रहे और शुरुआती स्तर पर केवल खानापूर्ति की गई।

प्रशासनिक सक्रियता और राहत कार्य

सोमवार सुबह: क्षेत्रीय पार्षद द्वारा उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बाद प्रशासनिक मशीनरी जागी। दोपहर 11 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोर्चा संभाला।

सोमवार दोपहर से रात: घर-घर जाकर पानी की टंकियों की जांच की गई। क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस (ORS) पैकेट बांटे गए। अधिकारी और स्वास्थ्य दल देर रात तक क्षेत्र में तैनात रहे।

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बढ़ता मृत्युदर और आंकड़ों पर विवाद

त्रासदी का विस्तार: दूषित पानी से होने वाली मौतों का आंकड़ा 16 तक पहुंच गया। 35 से अधिक लोग गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हुए।

विपक्ष का हमला: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार हाई कोर्ट में मौतों के झूठे और कम आंकड़े पेश कर रही है। विपक्ष ने इसकी तुलना कोरोना काल के आंकड़ों की बाजीगरी से की।

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जांच में घातक बैक्टीरिया की पुष्टि

एमजीएम मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट में पानी में ई-कोलाई और शिगेला जैसे जानलेवा बैक्टीरिया मिले।

विशेषज्ञों का आगमन: बैक्टीरिया की विस्तृत जांच के लिए कोलकाता के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैक्टीरियोलॉजी से वैज्ञानिकों की टीम को बुलाया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की एमडी डॉ. सलोनी सिडाना ने भी अस्पतालों का निरीक्षण किया।

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बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: आयुक्त और इंजीनियरों पर गिरी गाज

निगम आयुक्त की रवानगी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटा दिया गया।

निलंबन की कार्रवाई : अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और 12 साल से जल कार्य विभाग में जमे प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया।

नए आयुक्त की नियुक्ति : आईएएस क्षितिज सिंघल ने शनिवार रात 11:45 बजे इंदौर पहुंचकर पदभार संभाला।

निगम का महा-अभियान और राजनीतिक तमाशा

लीकेज की खोज : 8 अपर आयुक्तों और 32 उपयंत्रियों की फौज भागीरथपुरा की 32 गलियों में लीकेज खोजने और सैंपलिंग के काम में जुटी।

राजनीतिक टकराव : शनिवार दोपहर कांग्रेस की जांच कमेटी (सज्जन सिंह वर्मा, प्रताप ग्रेवाल, महेश परमार) भागीरथपुरा पहुंची। वहां भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। क्षेत्र की जनता, जो अपनों को खोने के गम में थी, वह छतों से इस राजनीतिक तमाशे को देखती रही।

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सरकार का रुख

मुख्यमंत्री की समीक्षा : सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी 16 नगर निगमों के महापौरों और आयुक्तों के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने प्रदेश भर में जल आपूर्ति सुधारने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

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