• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

इंदौर जल संकटः GPS आधारित टैंकर से सप्लाई, पीने के पानी से गाड़ी धोने पर जुर्माना, बिना अनुमति प्लांट चलाने पर कार्रवाई

मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में जल संकट से निपटने के लिए गुरुवार को कई उपायों की घोषणा की गई।

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 07:33:43 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 08:07:29 PM (IST)
इंदौर जल संकटः GPS आधारित टैंकर से सप्लाई, पीने के पानी से गाड़ी धोने पर जुर्माना, बिना अनुमति प्लांट चलाने पर कार्रवाई

HighLights

  1. 30 प्रतिशत हिस्से में अभी भी नर्मदा की पाइपलाइनें नहीं पहुंची
  2. जरूरत के हिसाब से पाइपों की गहराई बढ़ाने के निर्देश दिए
  3. आपात स्थिति में जिला प्रशासन निजी ट्यूबवेलों को कब्जे में ले सकता है

डिजिटल डेस्क, इंदौर। मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में जल संकट से निपटने के लिए गुरुवार को कई उपायों की घोषणा की गई। इनमें GPS आधारित निगरानी प्रणाली के जरिए टैंकरों से पानी की आपूर्ति करना और ट्यूबवेल की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत करना शामिल है।

इंदौर जिले में 1 जून से 30 सितंबर के बीच 633.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य मानसून बारिश (868.1 मिमी) से 27 प्रतिशत कम है।

30 प्रतिशत हिस्से में अभी भी नर्मदा की पाइपलाइनें नहीं पहुंची

इंदौर शहर अपनी पेयजल जरूरतों के लिए मुख्य रूप से नर्मदा नदी पर निर्भर है। नगर निगम की पाइपलाइनों के जरिए लगभग 80 किमी दूर खरगोन जिले के जलूद से नर्मदा का पानी इंदौर लाया जाता है। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि लगभग 35 लाख की आबादी वाले इस शहर के 30 प्रतिशत हिस्से में अभी भी नर्मदा की पाइपलाइनें नहीं पहुंची हैं।


जरूरत के हिसाब से पाइपों की गहराई बढ़ाने के निर्देश दिए

राज्य के शहरी विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, लोग शिकायत कर रहे हैं कि ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है। जो ट्यूबवेल सूख गए हैं या खराब हो गए हैं, उन्हें तुरंत ठीक करने और जरूरत के हिसाब से पाइपों की गहराई बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

आपात स्थिति में जिला प्रशासन निजी ट्यूबवेलों को कब्जे में ले सकता है

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, शहर में नए ट्यूबवेल खोदने पर रोक लगाने या नए पानी के कनेक्शन देने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। कानूनी प्रावधानों के अनुसार, आपातकालीन स्थिति में जिला प्रशासन निजी ट्यूबवेलों को अपने कब्जे में ले सकता है।

अगर किसी इलाके के लोग जल संकट का सामना कर रहे हैं और कोई व्यक्ति निजी ट्यूबवेल से पानी बेचता हुआ पाया जाता है, तो ऐसे ट्यूबवेल को जब्त कर लिया जाएगा।

पीने के पानी से गाड़ियां धोने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश

आने वाले जल संकट से निपटने के लिए इंदौर नगर निगम द्वारा राज्य सरकार से 50 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग के बारे में पूछे जाने पर विजयवर्गीय ने कहा कि अगर शहर को इस काम के लिए 100 करोड़ रुपये की भी जरूरत होगी, तो वह राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।

विजयवर्गीय ने नागरिकों के घरों में पानी की बर्बादी रोकने के उपाय करने पर जोर दिया और कहा कि पीने के पानी से गाड़ियां धोने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

बिना अनुमति के पीने के पानी के प्लांट चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि GPS-आधारित निगरानी प्रणाली के तहत टैंकर से पानी की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी और नर्मदा पाइपलाइन में हो रहे रिसाव को ठीक किया जाएगा। महापौर ने कहा, बगीचों और अन्य उपयुक्त जगहों पर ट्रीट किए गए (शोधित) पानी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। शहर में बिना अनुमति के पीने के पानी के प्लांट चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- इंदौर में जलसंकट से बचने के लिए तीन करोड़ लीटर पानी का दुबारा होगा इस्तेमाल, 30 एमएलडी क्षमता के चार ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे