
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली महामारी का असर अब इंदौर की पूरी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने लगा है। भागीरथपुरा में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शहर के विभिन्न मोहल्लों और कॉलोनियों में संचालित संजीवनी क्लीनिकों (आरोग्य केंद्रों) के स्टाफ को वहां तैनात कर दिया है। इसके चलते स्थानीय कॉलोनियों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
इंदौर की निम्न-मध्यमवर्गीय कॉलोनियों के लिए संजीवनी क्लीनिक सामान्य बीमारियों के उपचार का मुख्य सहारा हैं। हालांकि, वर्तमान में अधिकांश क्लीनिकों से डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्टों को हटाकर भागीरथपुरा भेज दिया गया है। नईदुनिया प्रतिनिधि ने जब खंडवा रोड स्थित गणेश नगर के संजीवनी क्लीनिक का जायजा लिया, तो वहां सात लोगों के स्टाफ की जगह केवल एक सहायक कर्मचारी ही तैनात मिला। स्टाफ की कमी के कारण मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा हो रही है।
गणेश नगर क्लीनिक पर आने वाले मरीजों को फिलहाल एंट्री के बाद पास ही स्थित जीत नगर के संजीवनी क्लीनिक भेजा जा रहा है। लेकिन संकट और गहराने के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि मंगलवार से जीत नगर क्लीनिक के स्टाफ को भी भागीरथपुरा में ड्यूटी पर लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। यदि शहर के अन्य आरोग्य केंद्रों का स्टाफ भी इसी तरह हटा लिया गया, तो स्थानीय निवासियों के लिए सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार जैसे रोगों का इलाज कराना भी मुश्किल हो जाएगा।
स्टाफ की कमी के बावजूद, आरोग्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों की सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। गणेश नगर क्लीनिक के सहायक के अनुसार, मरीजों के नाम के साथ-साथ उनके लक्षणों को रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है ताकि महामारी के फैलाव का पता लगाया जा सके। राहत की बात यह है कि खंडवा रोड और गणेश नगर क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से उल्टी-दस्त या महामारी से संबंधित कोई संदिग्ध मरीज सामने नहीं आया है। यहां फिलहाल केवल सामान्य मौसमी बीमारियों के मरीज ही पहुंच रहे हैं।
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संजीवनी क्लीनिकों में तय दिनों पर होने वाला टीकाकरण अभियान और अन्य नियमित स्वास्थ्य सेवाएं भी स्टाफ की कमी के कारण प्रभावित हो रही हैं। भागीरथपुरा की आपात स्थिति को संभालने के चक्कर में प्रशासन का पूरा ध्यान एक ही क्षेत्र पर केंद्रित हो गया है, जिससे शहर के बाकी हिस्सों की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे नजर आ रही है।