Smart Tree In Indore: स्मार्ट ट्री के जरिये बारिश के पानी को सहेजेगा इंदौर
Smart Tree In Indore: अगले तीन माह में शहर के तीन से चार स्थानों पर तैयार होंगे ये स्ट्रक्चर। ...और पढ़ें
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Fri, 22 Apr 2022 12:25:16 PM (IST)Updated Date: Fri, 22 Apr 2022 12:25:16 PM (IST)

Smart Tree In Indore: उदय प्रताप सिंह, इंदौर। स्वच्छता के बाद अब इंदौर शहर में जल संरक्षण के लिए भी नवाचार किया जाएगा। शहर वासियों को जल पुर्नभरण के लिए जागरुक करने व बारिश को सहेजने के लिए शहर की तीन से चार स्थानों पर स्मार्ट ट्री तैयार किए जाएंगे। अभी सिंगापुर व दुबई में ही इस तरह के जलपुर्नभरण के टावर (स्मार्ट ट्री) तैयार किए है। सबसे खास बात यह है कि जल पुर्नभरण के इन टावर को निगम द्वारा अनुपयोगी चीजों का इस्तेमाल कर बनाया जाएगा। इस तरह यह कम खर्च में स्मार्ट ट्री तैयार होंगे। शहर में बारिश से पहले अगले तीन माह में शिवाजी वाटिका चौराहा, महूनाका, कलेक्टोरेट व ट्रेचिंग ग्राउंड पर इस तरह के स्मार्ट ट्री लगाए जाएंगे।
15 से 20 फीट ऊंचाई के होंगे स्मार्ट ट्री
नगर निगम के माध्यम से शहर में प्रमुख उद्यानों व चौराहों पर स्मार्ट ट्री के स्ट्रक्चर लगाए जाएंगे। इनकी ऊंचाई 15 से 20 फीट होगी। ऊपर के हिस्से में उल्टी छतरीनुमा स्ट्रक्चर होगा। इसमें बारिश के पानी एकत्र होगा। और इसे पाइप लाइन के माध्यम से जमीन में पहुंचाया जाएगा। स्मार्ट ट्री के स्ट्रक्चर में जमीन आठ से 10 फीट गहरा गड्ढा किया जाएगा और इसमें फिल्टर भी लगाया जाएगा। बारिश के दौरान जहां यह स्मार्ट ट्री पानी को सहेजेगा। वही इन्हें ऐसे स्थानों पर तैयार किया जाएगा जहां लोग धूप व बारिश से इसके नीचे बचने के लिए खड़े भी हो सके। रात के समय इन स्मार्ट ट्री पर आर्कषक रोशनी भी की जाएगी ताकि लोगों को यह स्मार्ट ट्री आकर्षित करे और लोग इसके साथ खड़े होकर सेल्फी भी ले सके।
अनुपयोगी चीजों का किया जाएगा इस्तेमाल
इस स्मार्ट ट्री को तैयार करने के लिए मेटल, प्लास्टिक पाइप, स्क्रेप जाली का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके सीमेंट-कांक्रीट के स्ट्रक्चर में सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन व डिमोलेशन) वेस्ट से तैयार ईट व पेव्हर का उपयोग किया जाएगा।
स्ट्रक्चर के डिजाइन व तकनीक पर किया जा रहा है काम
निगमायुक्त के निर्देश पर शहर में जल पुर्नभरण व इस संबंध में जागरुकता फैलाने के लिए फनलनुमा स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इसकी डिजाइन व तकनीक पर काम कर रहे है। इसे लगाने के लिए शहर में अलग-अलग स्थान भी चिन्हित किए जा रहे है। इस स्ट्रक्चर में एक मीटर भी लगा हो जो यह बताएगा कि बारिश का कितना बानी भूजल में गया है।
- संदीप सोनी, अपर आयुक्त निगम