
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : एक पेड़ मां के नाम महाअभियान के तहत देवगुराड़िया स्थित दतुनी पहाड़ी पर 25 हजार पौधे रोपे गए। इस अवसर पर उपस्थित दादा गुरु महाराज ने कहा कि गणेशोत्सव के अवसर पर पौधारोपण रूपी यह महायज्ञ हमारे जीवन को सुरक्षित करेगा वहीं दूसरी तरफ संरक्षण और संवर्धन भी करेगा।
उन्होंने कहा कि हम सभी को इस पौधारोपण रूपी महायज्ञ में अपनी आहुति देना है। दुनिया में केवल सनातन संस्कृति ही ऐसी है जो पेड़-पौधों को परमात्मा मानती है और उनकी पूजा करती है। जिस तरह शिव ने जटाओं में गंगा को धारण किया था उसी तरह यह वृक्ष अपनी जड़ों में जल को धारण करते हैं।
इस अवसर पर केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यहां पहला पौधा एक ऋषि ने रोपा है इसलिए अब दतुनी पहाडी का नाम ऋषि पर्वत होगा। दादा गुरु महाराज ने कहा कि मैं जब भी इंदौर आऊंगा मेरे दूसरा पड़ाव यहां ऋषि पर्वत पर रहेगा।
विजयवर्गीय ने कहा कि जिस तरह एक मां बच्चों को पालती है उसी तरह हमें पौधों को पाल कर पेड़ बनाना है। हम धरती से चले जाएंगे, लेकिन यह पेड़ लंबे समय तक जिंदा रहेंगे। जिस तरह मां निस्वार्थ भाव से अपने बच्चों से प्यार करती है उसी तरह पेड़ भी अपना वात्सल्य हमारे ऊपर लुटाते हैं। हमें जीवन देते हैं। पेड़ कार्बन डाई आक्साइड रूपी जहर लेकर हमें जीवन रुपी आक्सीजन देते है इसलिए यह नीलकंठ हैं।
इस अवसर पर विधायक मधु वर्मा ने कहा कि रेवती रेंज से प्रेरणा लेकर ऋषि पर्वत को हरा-भरा बनाने की योजना बनाई गई। पौधारोपण के संबंध में प्रभारी महापौर एवं जनकार्य समिति अध्यक्ष राजेंद्र राठौर ने जानकारी दी। गौरतलब है कि इसके पहले बुढ़ानिया पहाड़ी पर 51 हजार, कृषि महाविद्यालय में 15 हजार, रेवती रेंज पर 51 हजार ,वन विभाग की भूमि रमना पर 50 हजार, सुपर कारिडोर पर 21 हजार, नरवल औद्योगिक क्षेत्र में 5100 पौधे लगाए जा चुके हैं।
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