River Pollution Indore: खान नदी में प्रदूषण फैला रहे उद्योग, तीन पर आपराधिक केस
River Pollution Indore: सात की कटेगी बिजली, होंगे बंद। चेतावनी की अनदेखी करने वाले उद्योगों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई। ...और पढ़ें
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Mon, 28 Dec 2020 09:04:18 PM (IST)Updated Date: Mon, 28 Dec 2020 09:04:18 PM (IST)

River Pollution Indore इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर से बहने वाली खान नदी के जल संग्रहण क्षेत्र में कुछ उद्योग अब भी प्रदूषण फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऐसे तीन उद्योगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सात उद्योगों को बंद करने और बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को दिए हैं।
बोर्ड के जांच दल में शामिल कार्यपालन यंत्री केपी सोनी और उनकी टीम ने तीन दिन पहले सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया था। यहां पाया कि 10 उद्योगों द्वारा उपचारित किए बिना दूषित पानी बहाया जा रहा है जो पास के नरवर नाले में मिल रहा है। यही पानी आगे जाकर खान नदी में मिलता है। इनमें से तीन उद्योगों मणि इंडस्ट्रीज (इलेक्ट्रोप्लेटिंग), अर्शिता इंडस्ट्रीज (इलेक्ट्रोप्लेटिंग) और एमएम ब्राइट (इलेक्ट्रोप्लेटिंग) को बंद करने और इनके बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश जनवरी में ही दिए गए थे। इसके बावजूद ये उद्योग लगातार चालू हैं और जल प्रदूषण फैला रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने तीनों उद्योगों से सैंपल लिए और जल अधिनियम की धारा-44 के तहत तीनों उद्योगों के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में आपराधिक केस दायर करने के आदेश दिए हैं।
इन उद्योगों पर लगेगा ताला
इसी तरह सात उद्योगों के संचालकों को कारखाना बंद करने और बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री को इन उद्योगों के बिजली कनेकशन काटने के निर्देश दिए हैं। इनमें बीएस डायर्स (जींस वाशिंग) और रफ एंड टफ (जींस वाशिंग) अवंतिका नगर, एनएस इंडस्ट्रीज अगरबत्ती कॉम्प्लेक्स सांवेर रोड, गुरुकृपा इंडस्ट्रीज (परमार इलेक्ट्रोप्लेटिंग) सेक्टर-ई और बाबा इंडस्ट्रीज इलेक्ट्रोप्लेटिंग सेक्टर-सी सांवेर रोड के अलावा स्काय फूड्स (नमकीन उद्योग) और मंगल विनायक केम (फेरस अलाय) अवंतिका नगर शामिल हैं।
एनजीटी के निर्देश पर कार्रवाई
दरअसल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा उद्योगों पर यह कार्रवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर की जा रही है। एनजीटी के निर्देश पर ही खान नदी के शुद्धिकरण की कार्ययोजना बनाई गई है। इसी के तहत नदी में मिलने वाले कारखानों के दूषित जल को रोकना है। कारखानों को काफी पहले यह बता दिया गया है कि उन्हें अपने यहां निकलने वाले दूषित जल का प्राथमिक उपचार कर नगर निगम द्वारा स्थापित दूषित जल उपचार संयंत्र पर भेजना है। कुछ उद्योग इसकी अवहेलना कर रहे हैं।