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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्यप्रदेश बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा राज्य है। यहां आने आने वाले निवेशकों को सुविधा देेने के लिए सरकार हरसंभव मदद कर रही है। पहले निवेशकों को जमीन आवंटित करने में महीनों लग जाते थे, लेकिन अब हमारे पास लाखों एकड़ सरप्लस लैंड बैंक है, ऐसे में हम उद्योगपतियों को घंटों में ही जमीन आवंटित कर देते हैं।
यह कहना था हिंदू इकोनामिक फोरम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का। उन्होंने कहा कि देश सिर्फ बाजार नहीं निर्माता भी है। हमारे धर्म में अर्थ को महत्व दिया गया है और अर्थ से व्यक्ति समर्थ होता है। मध्यप्रदेश गुजरात की तर्ज पर ही तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यहां निवेशकों के लिए अनुकूल स्थितियां हैं। यहां बिजली सरप्लस है, लेबर शांत स्वभाव का है। हम पारंपरिक एनर्जी के साथ ही ग्रीन एनर्जी पर भी लगातार काम कर रहे हैं और कुल उत्पादन की 30 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी हमारे राज्य में हो रही है।
सीएम ने रिलीजस टूरिज्म का जिक्र करते हुए कहा कि अकेले उज्जैन में ही पिछले साल 8 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे और इस बार सरकार 10 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद कर रही है। भारत में सबसे तेजी से रोजगार देने वाला राज्य मध्यप्रदेश है। निवेशक का एक-एक मिनट कीमती है, इसीलिए इसे ध्यान में रखकर हम काम कर रहे हैं। सरकार माइनिंग, फूड प्रोसेसिंग, टूरिज्म समेत अन्य सेक्टरों में 70 प्रतिशत तक भी सब्सिडी दे रही है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंथा नागेश्वरन ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने अपने उद्भोदन में इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीपीडी 7.8 प्रतिशत होने का जिक्र करते हुए इसे देश के लिए अच्छा संकेत बताया। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में अस्थिरता का माहौल है और वर्तमान स्थिति में दुनिया के हालातों का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल हो रहा है, बावजूद इसके भारत की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी है।
हमारे बैंकों की वित्तीय हालत भी बहुत बढ़िया है। स्टॉक मार्केट में बीते दो साल में हुई गिरावट को लेकर उन्होंने कहा कि कई ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से शेयर मार्केट अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। भारत ने ईरान-अमेरिका, रूस-यूक्रेन युद्ध के झटके को भी झेल लिया और अब भी देश की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि हमें ज्यादा उत्पादन करना होगा और वो अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए, जिससे हम दुनिया के मार्केट को कैप्चर कर सकें। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग एक ऐसा क्षेत्र है जहां चीन की प्रतिस्पर्धा सबसे कम है। भारत एक दिन या एक साल में विकसित देश नहीं बन सकता है, इसके लिए निरंतर प्रयास करते रहने होंगे।
कार्यक्रम के दौरान उद्योगपतियों के बीच पैनल डिस्कशन भी रखा गया था। जिसमें सवाल जवाब के जरिए उद्योग स्थापित करने से लेकर उसे बढ़ाने और ब्रांड की पहचान बनाने तक को समझा गया। बालाजी वेफर्स के मालिक चंदूभाई विरानी ने अपने ब्रांड के नाम को लेकर सवाल किए जाने पर कहा कि बालाजी भगवान राम के सेवक थे और हम उनके सेवक हैं।
उद्योग के जरिए हमने मानव सेना बनाई है। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश में आमंत्रित किया था और कहा था कि जब भी कोई जरूरत हो तो मुझे सीधे फोन लगाएं, लेकिन मुझे 15 साल में इसकी कभी जरूरत ही नहीं पड़ी, क्योंकि इंदौर में मेरा हर काम बहुत ही सरलता से हो गया।
पैनल डिस्कशन में शामिल अग्रवाल 420 पापड़ के मालिक नारायण अग्रवाल से संचालक ने पापड़ के नाम को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि उनके पिताजी को राज कपूर बहुत पसंद थे, इससे ही ब्रांड के नाम की नींव रखी गई। कार्यक्रम में अन्य पैनलिस्ट ने भी उद्योग से जुड़े हुए अपने अनुभवों को साझा किया।
इसके पूर्व विश्व हिंदू इकोनामिक फोरम के संस्थापक स्वामी विज्ञानानंद ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई के समय प्रदेश का टैक्सेशन सिस्टम पूरे देश में सबसे अच्छा था। हमारा देश समय के साथ गरीब होता गया और इसी वजह से हमें दुनिया में बैकवर्ड कहा जाने लगा।
उन्होंने कहा कि पीएम नरसिम्हाराव द्वारा 1991 में दुनिया के लिए देश की इकानामी खोलना एक बहुत बड़ा काम था। देश को अगर मजबूत बनाना है तो हमें देश के आर्थिक हालातों को तेजी से सुधारना होगा। इसके लिए उन्होंने दुनिया में नए बाजार को खोजने, नई तकनीकों को अपनाने, देश के टेलेंट का देश में ही भरपूर उपयोग किए जाने समेत अन्य विचारों से भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की बात कही।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को गाकर हुई। समारोह में फोरम के इंदौर चेप्टर के अध्यक्ष तपन शर्मा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के उद्योगपति शामिल हुए।