
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : अच्छा है मैं तो कहता हूं कि शकर खूब महंगी हो जाए। प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शकर के बढ़े दामों पर पूछे सवालों पर यह टिप्पणी की। मंत्री ने शकर महंगी होने को लोगों के लिए परेशानी नहीं माना बल्कि तर्क दिया कि 90 प्रतिशत लोग आजकल शकर नहीं खाते हैं।
बुधवार को महंगी शकर पर मंत्री विजयवर्गीय से पत्रकारों ने प्रश्न पूछा था। विजयवर्गीय एक स्थानीय वृद्धाश्रम में रक्षाबंधन मनाने पहुंचे थे।मंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पलटवार किया। उन्होंने इसे आम जनता का अपमान बताया।
मंत्री विजयवर्गीय से जब पूछा गया कि शकर महंगी हो रही है इस पर सरकार क्या कर रही है। इसके बाद उन्होंने कहा कि दो दिन पहले शकर 70 रुपये किलो थी। अब तो 60 रुपये किलो हो गई है। आगे दाम और भी कम होंगे। इसके बाद उन्होंने कहा कि वैसे भी 90 प्रतिशत लोग शकर (मीठा) नहीं खाते।
अपने साथी विधायक रमेश मेंदोला का नाम लेकर भी उन्होंने उदारहण दिया। मंत्री ने कहा कि अच्छा है शकर और महंगी हो तो। सिर्फ सरकार को बच्चों के लिए उचित मूल्य की दुकानों (कंट्रोल) से सस्ती शकर देना चाहिए। वैसे भी 40 की उम्र के बाद शकर नहीं खाना चाहिए।
डॉक्टर भी इसे सेहत के लिए ठीक नहीं मानते। मंत्री के इस बयान के प्रसारित होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा के मंत्री आम जनता का मजाक उड़ा रहे हैं और अपमानित कर रहे हैं। भाजपा के नेता पहले 13 रुपये किलो शकर देने की बात करते थे। जनता 2028 में भाजपा के इन नेताओं को अपने अपमान का सबक सिखाएगी।
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