
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी कांड पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का रवैया अन्य भाजपा नेताओं से उलट नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हों या मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, दोनों कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं कि वह मौतों पर राजनीति कर रही है। दूसरी ओर इंदौर से आठ बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन (ताई) ने न केवल माना कि शहर में पानी खराब आ रहा है और ड्रेनेज की समस्या है, बल्कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से यह भी कह दिया कि वह राहुल गांधी से कहें कि सही जगह बात उठाएं।
शुक्रवार को ताई और पटवारी के बीच हुई यह चर्चा कांग्रेसियों को खुश कर रही है जबकि भाजपा वाले अपनी ही सरकार को आईना दिखा रही वरिष्ठ नेता की बातों के मायने निकालने में जुटे हैं। शुक्रवार सुबह जीतू पटवारी सुमित्रा महाजन के मनीषपुरी स्थित घर पर मिलने पहुंचे थे।
ताई की दी मिठाई से मुंह मीठा करने के बाद पटवारी ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि ताई, रिपोर्ट बता रही है कि शहर का 70 प्रतिशत पानी खराब है। हम विपक्षी कितनी भी ताकत लगा लें, जब तक आपका साथ नहीं मिलेगा, तब तक शहर के नागरिक बदबूदार व दूषित पानी पीते रहेंगे। इस पर ताई ने उत्तर दिया कि मैं जानती हूं, पानी खराब आ रहा है। नहीं तो इतने लोग नहीं जाते (मरते)। जीतू पटवारी ने सुमित्रा महाजन से कहा कि इसमें राजनीति की बात नहीं है। यह लोगों की जान बचाने की बात है, इसलिए आपके पास आया हूं। आप पहल करेंगी तो आपकी पार्टी के लोग सुन लेंगे।
पटवारी के साथ गए शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने नगर निगम के ढर्रे की शिकायत की। इस पर महाजन ने यह भी कह दिया कि मुझे सब पता है कि क्या हो रहा है। ताई ने सुझाव दे दिया कि ऐसे लोगों की कमेटी बनाई जाए जो राजनीति से दूर हों। उन्होंने चौकसे से ही कहा कि तुम ऐसी कमेटी बनाओ। पटवारी ने सत्ताधारी मंत्रियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया तो महाजन ने कह दिया कि इस पर क्या कहूं। पानी की बात है तो काम होना चाहिए। एक जमाने में जब कुछ गलत होता था तो संस्थाएं आकर सत्ताधारी दल से बात करती थीं।
उन्होंने सरकार के काम को लेकर यह भी कह दिया कि किसी की मौत की कीमत नहीं लगाई जा सकती। इस तरह के मुद्दों पर मैं सियासत नहीं करना चाहती। विपक्ष का काम है मुद्दों को सही ढंग से उठाना। आखिर में सुमित्रा महाजन ने यह भी कह दिया कि मैं मुख्यमंत्री को चिट्ठी तो लिख रही हूं, मेरी जहां मदद होगी वो भी करूंगी।