• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

इंदौर केसरबाग ओवरब्रिज मामला: एमपी हाई कोर्ट नाराज, सरकार को दी 3 हफ्ते की मोहलत

केसरबाग ब्रिज रेलवे क्रासिंग पर बनाए जा रहे ओवरब्रिज को लेकर चल रही जनहित याचिका में मंगलवार को शासन का जवाब नहीं आया। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई।

By Kuldeep BhawsarEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Tue, 03 Nov 2026 06:22:21 PM (IST)Updated Date: Tue, 03 Nov 2026 06:25:27 PM (IST)
इंदौर केसरबाग ओवरब्रिज मामला: एमपी हाई कोर्ट नाराज, सरकार को दी 3 हफ्ते की मोहलत
इंदौर केसरबाग ओवरब्रिज मामले पर एमपी हाई कोर्ट नाराज

HighLights

  1. केसरबाग ओवरब्रिज मामले में शासन के जवाब पर कोर्ट की नाराजगी
  2. 3 हफ्ते में जवाब तलब, अब 14 दिसंबर को होगी अंतिम बहस
  3. जाम से बचाव के लिए ब्रिज को फोरलेन बनाने की मांग

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। केसरबाग ब्रिज रेलवे क्रासिंग पर बनाए जा रहे ओवरब्रिज को लेकर चल रही जनहित याचिका में मंगलवार को शासन का जवाब नहीं आया। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि तीन सप्ताह में अनिवार्य रूप से जवाब प्रस्तुत कर दिया जाए। अब 14 दिसंबर को मामले में अंतिम बहस होगी।

मंगलवार को याचिकाकर्ता ने निर्माणाधीन ब्रिज के आसपास की कॉलोनियों के रहवासी संघों के समर्थन पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किए। उनका कहना है कि क्षेत्र के हजारों परिवार हैं जो ब्रिज को फोर लेन बनाए जाने के समर्थन में हैं। उन्होंने याचिका के समर्थन में विशेषज्ञ की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। उनका कहना है कि इन्हीं विशेषज्ञ की योजना के आधार पर राजस्थान का कोटा शहर सिग्नल मुक्त शहर बन सका है।


सड़क फोरलेन और ब्रिज टू-लेन होने से लगेगा जाम

हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका डा. संजय कामले ने दायर की है। उनका कहना है कि केसरबाग रोड पर यातायात के दबाव को देखते हुए सड़क को तो फोरलेन बना दिया गया, लेकिन रेलवे क्रासिंग पर शासन जो ब्रिज बनाने जा रहा है वह टू-लेन है। यह आने वाले समय में परेशानी खड़ी करेगा, क्योंकि वर्तमान में ही स्थिति यह है कि केसरबाग सड़क से जुड़ी सभी सड़कों पर यातायात का भारी दबाव रहता है।

50 वर्षों की जरूरतों के अनुसार फोरलेन बनाने की मांग

जब यह यातायात इस ब्रिज से गुजरेगा तो जाम लगेगा क्योंकि यातायात तो फोर लेन के हिसाब से रहेगा जबकि ओवरब्रिज टू लेन रहेगा। याचिका में यह भी कहा है कि कोई भी योजना आगामी 50 वर्षों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है। इससे पहले भी बाणगंगा ब्रिज के मामले में ऐसा हो चुका है। शासन ने इस ब्रिज को टू-लेन बनाया था, लेकिन जब यातायात का दबाव बढ़ा तो इसे फोर लेन करना पड़ा।

यह भी पढ़ें- सागर जहरीली शराब कांड: IPS अनुराग सुजानिया ने दिया इस्तीफा, 4 दिन पहले हुआ था तबादला

ऐसी स्थिति केसरबाग रोड स्थित रेलवे क्रासिंग ओवरब्रिज की न बने, इसके लिए जरूरी है कि ओवरब्रिज को अभी से फोरलेन कर लिया जाए। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर ही सभी संबंधित पक्षकारों से जवाब देने को कहा था।

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।