
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। तिरुपति गार्डन (ग्रेटर) से दो बच्चों के अपहरण की मुख्य आरोपित राधिका ई-कॉमर्स कंपनी की कर्मचारी निकली। पुलिस ने राधिका और उसके भाई विनीत प्रजापति सहित एक दंपती को गिरफ्तार किया। आरोपितों ने कर्ज उतारने के लिए फिरौती की साजिश की थी। चारों आरोपितों के हाथ-पैर टूट गए हैं। घेराबंदी होने पर कूदकर भाग रहे थे। पलासिया थाना अंतर्गत गीतानगर से 11 वर्षीय सम्राट पुत्र अजय जयदेव और 11 वर्षीय नैतिक पुत्र सन्नी सोनकर (बड़ी ग्वालटोली) का एक युवती ने अपहरण किया था।
बच्चों को छोड़ने के बदले युवती और उसके साथी नैतिक की मां पूजा से 15 लाख रुपयों की मांग कर रहे थे। गुरुवार रात जोन-3 के डीसीपी राजेश व्यास ने दत्तनगर स्थित शिवांस अपार्टमेंट से बच्चों को मुक्त करवाया। पुलिस ने 19 वर्षीय राधिका प्रजापति निवासी तिलक नगर एक्सटेंशन और उसके भाई विनीत प्रजापति (22) निवासी तिलक नगर एक्सटेंशन, 21 वर्षीय ललित सेन निवासी शिवांस अपार्टमेंट दत्तनगर और उसकी पत्नी तनिषा सेन (20) को गिरफ्तार किया।
आरोपित राधिका का भाई विनीत फार्मेसी का छात्र रहा है। वह एडवाइजरी फर्म में काम करता था। दोनों की नौकरी छूट गई और कर्ज हो गया। बेरोजगार होने से माता-पिता ने भी ध्यान देना बंद कर दिया। ललित मूलत: राजगढ़ का रहने वाला है और ड्राइवर है। आरोपितों ने फिरौती लेकर कर्ज उतारने की साजिश की और बच्चों का अपहरण कर लिया।
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने घटना के तुरंत बाद जोन-3 के पांच थानों की टीम को लगाया। उधर आरोपित नैतिक की मां पूजा को व्हाट्सएप कॉल कर फिरौती मांगने लगे। एसीपी (संयोगितागंज) तुषार सिंह ने पूजा के फोन से आरोपितों से चैटिंग की और रुपयों की व्यवस्था का भरोसा दिलाया। विनीत पूजा समझकर धमकाने लगा। उसने बच्चों को काटकर पटरी पर फेंकने की धमकी दी। कभी कहा कि बच्चों को लेकर आगे निकल जाएगा।
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साइबर एक्सपर्ट ने उसकी लोकेशन निकाल ली। एक टीम तिलक नगर (एक्सटेंशन) पहुंची और विनीत को पकड़ लिया। दूसरी टीम से टीआई सुरेंद्रसिंह रघुवंशी ने दत्तनगर में ललित के फ्लैट पर छापा मारा और राधिका, ललित व तनिषा को पकड़ लिया।