
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बिल्डर विवेक दम्मानी की रेकी करने वाले बदमाश ने शहर के एक बिल्डर से पांच करोड़ रुपये वसूलने की पुष्टि की है। उसने कसरावद जेल में बंद बदमाशों से ही बिल्डर की रेकी करवाई थी। रुपये क्रिप्टो करंसी के माध्यम से दुबई होकर हैरी बॉक्सर के पास पहुंचे थे। बिल्डर ने रिपोर्ट लिखवाने से इन्कार कर दिया है।
रेसकोर्स रोड निवासी विवेक दम्मानी को हैरी बाक्सर ने पांच करोड़ रुपये के लिए धमकाया था। पुलिस इस मामले में कसरावद जेल से राजपाल चंद्रावत (रत्नाखेड़ी नागदा) को रिमांड पर लेकर आई है। राजपाल ने पूछताछ में बताया विवेक की जीतनगर के सोनू उर्फ रितेश से रैकी करवा चुका है। हैरी बाक्सर का इशारा मिलते ही विवेक पर फायरिंग करवा देता।
विस्तार से हुई बातचीत में राजपाल ने बताया वह फेसटाइम और सिग्नल एप के माध्यम से हैरी बॉक्सर से बात करता था। उसने यह भी बताया कि विवेक को धमकाने के पूर्व गांधी नगर क्षेत्र के बिल्डर मनीष को हैरी बाक्सर ने धमकाया था। उसकी राजपाल ने ही देवास के बदमाशों से रैकी करवाई थी। बाद में सभी बायो-काटन व्यवसायी दिलीप सिंह राठौर के घर फायरिंग करने के मामले में गिरफ्तार हो गए।
दिलीप राठौर से राजपाल के परिचित गजेंद्रसिंह पंवार का 50 लाख रुपये का लेनदेन था। राजपाल ने हैरी बॉक्सर तक जानकारी पहुंचाई और दूसरे ही दिन उसके पास 10 करोड़ के लिए कॉल आ गया। बुधवार को क्राइम ब्रांच ने राजपाल के करीबी सुमेरसिंह सोलंकी को देवास से हिरासत में ले लिया। सुमेर पर भी रैकी करने का शक है।
वह शराब दुकान पर काम करता है। उधर एक बदमाश ने पुलिस को बताया कि हैरी बॉक्सर रैकी और हमला करने वाले शूटर की भी निगरानी करता था। वह शूटर के पीछे भी शूटर लगा कर रखता था। वारदात के बाद उनको शूटर के डर से सरेंडर करना पड़ गया था।