
Leopard in Indore: इंदौर। सुपर कारिडोर स्थित इंफोसिस में मंगलवार को तेंदुआ नजर आया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते परिसर में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग ने परिसर में तेंदुए को ढूंढने के लिए सर्च आपरेशन चलाया। काफी देर बाद वहां तेंदुए के पैरों के निशान मिले। मौजूदगी से जुड़े प्रमाण मिलते ही विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए परिसर में एक पिंजरा लगा दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, पगमार्क भी स्पष्ट नहीं है। 100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले आइटी कंपनी के परिसर में मंगलवार सुबह बीएसएफ के कुछ जवान मार्निंग वाक करने पहुंचे। उन्होंने काफी दूर से तेंदुए को देखा। इस बारे में परिसर प्रभारी को जानकारी दी। जिस स्थान पर तेंदुए नजर आया था, वहां लोगों को जाने से मना कर दिया। बाद में कंपनी के अधिकारियों को तेंदुए के बारे में पता चला। साथ ही एनजीओ के सदस्य आए और सर्चिंग करने लगे, मगर दो घंटे बाद वनकर्मी भी पहुंच गए।

वन कर्मचारियों को पगमार्क मिले हैं, लेकिन वो भी स्पष्ट नहीं है।
वन विभाग के अफसरों ने एनजीओ के कार्यों पर आपत्ति ली और बोले कि वन विभाग का सहयोग एनजीओ कर सकती है। अकेले रेस्क्यू आपरेशन नहीं चला सकती है। इसके बाद एनजीओ का दल वहां से रवाना हो गया। शाम चार बजे एक स्थान पर तेंदुए के पैरों के निशान मिले। धुंध होने से निशान स्पष्ट नजर नहीं आ रहा है। मगर अधिकारियों ने पगमार्क देखकर परिसर में वन्यप्राणियों की मौजूदगी की बात कही।
वनकर्मियों ने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले, जिसमें एक फुटेज मिला है। पर वह भी स्पष्ट नहीं है। वीडियो में धुंधला दिखाई दे रहा है। रेंजर जयवीर सिंह ने कहा कि परिसर के एक हिस्से में काफी हरियाली और झाड़ियां हैं। इसके चलते सर्च आपरेशन चलाने में थोड़ी दिक्कतें हो रही हैं।
परिसर में पतंग उत्सव चल रहा था। उस दौरान ढोलक वाले भी आए थे। इनकी मदद भी वन विभाग ने तेंदुए को परिसर से बाहर निकालने के लिए ली। अलग-अलग स्थानों पर ढोलक बजवाए गए, ताकि तेंदुए का मूवमेंट पता लग सके। मगर उसकी कोई हलचल सामने नहीं आई। बाद में पगमार्क वाले स्थान पर पिंजरा लगाया।
तेंदुए की मौजूदगी के प्रमाण मिले है। पिंजरे वाले स्थान पर नाइट विजन कैमरा भी लगाया है, ताकि तेंदुए की हलचल कैमरे में कैद हो सके। - महेंद्र सिंह सोलंकी, डीएफओ, इंदौर वनमंडल