प्रदीप दीक्षित, नईदुनिया, इंदौर : मालवा-निमाड़ की धरती अब विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी में है। कभी खेती-किसानी और पारंपरिक कारोबार के लिए पहचाने जाने वाले इस अंचल में अब उद्योगों का विस्तार हो रहा है। कहीं हजारों करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक इकाइयों की नींव पड़ रही है तो कहीं रेल और राजमार्गों का नया जाल बिछ रहा है।
नर्मदा का पानी खेतों तक पहुंचाने वाली बड़ी सिंचाई परियोजनाएं कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की राह खोल रही हैं। धार्मिक आस्था के केंद्रों को भी नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस पर मालवा-निमाड़ के जिलों में आकार लेती विकास की ये परियोजनाएं भविष्य की नई तस्वीर पेश कर रही हैं।
रतलाम : उद्योगों की नई राजधानी बनने की तैयारी
रतलाम जिले में आगामी तीन वर्षों में 40 से 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश संभावित है। जिले की सबसे बड़ी उपलब्धि मेगा इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में सामने आई है। यहां चार औद्योगिक इकाइयों का काम शुरू हो चुका है। जापान की एक कंपनी ने सोलर पैनल का निर्माण भी शुरू कर दिया है और अब दूसरा संयंत्र लगाने की तैयारी है। आने वाले वर्षों में इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा विस्तार मिलने की उम्मीद है।
खरगोन : रेल-सड़क से पर्यटन तक विकास की राह
खरगोन की अर्थव्यवस्था का आधार भले ही कृषि हो, लेकिन परिवहन और पर्यटन के क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं। लंबे समय से प्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ रेलमार्ग का काम शुरू हो चुका है। इंदौर-खंडवा रेल लाइन का आमान परिवर्तन भी तेजी से जारी है। खंडवा-वडोदरा और खलघाट-बुजुर्ग-सरवरदेवला राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 347-सी के उन्नयन से आवागमन सुगम होगा।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला मुख्यालय पर 25 करोड़ रुपये की लागत से नवग्रह लोक बनाया जा रहा है, जिसके दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, महेश्वर में सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 110 करोड़ रुपये की लागत से अहिल्या लोक प्रस्तावित है।
धार-झाबुआ : खेतों तक पहुंचेगा नर्मदा का पानी
धार और झाबुआ जिले के लिए नर्मदा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव का आधार बनेगी। 2,387.60 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का 24 अक्टूबर को लोकार्पण किया गया। इससे 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और लगभग 72 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। झाबुआ जिले के 194 गांवों में 32 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त खेड़ा गलती बैराज और मोकमपुरा तालाब योजना से भी सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि को पानी उपलब्ध कराने की तैयारी है। जिले में 35 करोड़ रुपये की लागत से छह सांदीपनि विद्यालय भी बनाए जाएंगे।
मंदसौर : औद्योगिक निवेश से बढ़ेंगी संभावनाएं
मंदसौर में लगभग चार हजार करोड़ रुपये की लागत से तीन बड़े औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना भी तैयार है। जिला मुख्यालय को प्रमुख शहरों से जोड़ने वाले मार्गों के फोरलेन होने और नीमच-रतलाम रेलमार्ग के दोहरीकरण से परिवहन सुविधाओं को मजबूती मिली है। इससे उद्योग और व्यापार के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
खंडवा-ओंकारेश्वर : ऊर्जा, पानी और आस्था का संगम
खंडवा में इंदौर-ऐदलाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोरगांव से धनगांव तक 58 किलोमीटर सड़क का निर्माण 1,158 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इससे महाराष्ट्र तक संपर्क सुगम हुआ है। ओंकारेश्वर बांध के बैकवाटर में फ्लोटिंग सोलर प्लांट से लगभग 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
शहर की पेयजल समस्या के समाधान के लिए चारखेड़ा से नई पाइपलाइन बिछाई गई है। वहीं, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत ओंकारेश्वर में लगभग 800 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। नर्मदा पर दो झूला पुल और एक पैदल पुल बनाने के साथ नए घाटों का निर्माण भी जारी है।
बड़वानी : पहाड़ों तक पहुंचेगी नर्मदा
बड़वानी के दूरस्थ पहाड़ी और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा पहुंचाने के लिए निवाली, पानसेमल और सेंधवा में नर्मदा जल की लाइन बिछाई जा रही है। नागलवाड़ी, निवाली और सेंधवा उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं से नर्मदा का पानी उन इलाकों तक पहुंचेगा, जहां खेती अब तक वर्षा पर निर्भर रही है।
विकास के पांच आधार
- उद्योग: रतलाम और मंदसौर
- कनेक्टिविटी: खरगोन और खंडवा
- सिंचाई: धार, झाबुआ और बड़वानी
- धार्मिक पर्यटन: उज्जैन, महेश्वर और ओंकारेश्वर
- ऊर्जा: ओंकारेश्वर का फ्लोटिंग सोलर प्लांट
समूचे मप्र में सर्वांगीण विकास हो रहा है
मालवा-निमाड़ ही नहीं, समूचे मप्र में सर्वांगीण विकास हो रहा है। विकास यात्राओं का मकसद ही यही है कि प्रत्येक व्यक्ति खुशहाल रहे। मप्र की पहली ऐसी सरकार है जिसने विकास के नए कीर्तिमान बनाए हैं। छात्र कल्याण से लेकर महिला सशक्तीकरण, औद्योगिक विकास, सिंचाई परियोजनाएं, फ्लाई ओवर, तीर्थ स्थलों का विकास आदि ऐसे अनेक कार्य हैं जो सरकार ने किए हैं और कर रही है। -महेंद्र सिंह सोलंकी, देवास-शाजापुर सांसद