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फार्मर आईडी में मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर, राज्यों के बीच अब एआई से खेती की होड़ तेज

किसानों की डिजिटल पहचान (फार्मर आईडी) बनाने के अभियान में मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। 20 जुलाई तक के राज्यवार आंकड़ों के अन...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Sun, 30 Aug 2026 04:13:03 PM (IST)Updated Date: Sun, 30 Aug 2026 04:13:03 PM (IST)
फार्मर आईडी में मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर, राज्यों के बीच अब एआई से खेती की होड़ तेज
खेत में डिजिटल तकनीक का उपयोग करते किसान, अब फार्मर आईडी से खेती की सेवाओं को एक मंच पर जोड़ने की तैयारी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. स्मार्ट किसान : देश में 10.31 करोड़ डिजिटल किसान पहचान
  2. मप्र के 1.14 करोड़ किसान जुड़े, यूपी-महाराष्ट्र के बाद मप्र सबसे आगे
  3. अब चुनौती डिजिटल डेटा को किसानों तक उपयोगी सलाह में बदलने की

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। किसानों की डिजिटल पहचान (फार्मर आईडी) बनाने के अभियान में मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। 20 जुलाई तक के राज्यवार आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में 1.14 करोड़ फार्मर आईडी बन चुकी थीं और राज्य देश में तीसरे स्थान पर था। उत्तर प्रदेश में 2.44 करोड़ और महाराष्ट्र में 1.35 करोड़ डिजिटल किसान पहचान बनाई गईं। इन तीन राज्यों में ही देश की कुल फार्मर आईडी का करीब आधा हिस्सा दर्ज है।

केंद्र सरकार के अनुसार तीन अगस्त 2026 तक देश में 10.31 करोड़ से अधिक फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं। 20 जुलाई तक देश में बनी 10.18 करोड़ आइडी में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 48.3 प्रतिशत थी। इसके बाद राजस्थान में 87.23 लाख, कर्नाटक में 64.44 लाख और गुजरात में 62.25 लाख फार्मर आइडी दर्ज की गईं।


अब एआई से फायदा पहुंचाने की दौड़

फार्मर आईडी को एग्रीस्टैक (किसानों और कृषि से जुड़ी जानकारी का डिजिटल ढांचा) के तहत किसान के विवरण और डिजिटाइज्ड भूमि अभिलेखों से जोड़ा जा रहा है। इसका उपयोग पीएम-किसान, फसल बीमा, एमएसपी आधारित खरीदी, कृषि ऋण, कृषि आदान, मौसम सलाह और आपदा राहत जैसी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने के लिए किया जाना है।

अब राज्यों के बीच अगली होड़ इस डिजिटल डेटा के बेहतर उपयोग को लेकर है। महाराष्ट्र ने एग्रीस्टैक का उपयोग योजना वितरण और एआइ आधारित कृषि सलाह तक के लिए शुरू किया है। मध्य प्रदेश भी कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तैयारी तेज कर रहा है। आइआइटी इंदौर में एग्रीहब के जरिए एआई, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग आधारित कृषि समाधान, नवाचार और स्टार्टअप विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी फसल उत्पादन के अनुमान में एआइ और मशीन लर्निंग के उपयोग को बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में फार्मर आइडी के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंचने के बाद मध्य प्रदेश के सामने अगली बड़ी चुनौती इस विशाल डिजिटल किसान डेटा को व्यक्तिगत कृषि सलाह और तेज सेवा वितरण में बदलने की है।

देश के टॉप राज्य

  • उत्तर प्रदेश : 2.44 करोड़
  • महाराष्ट्र : 1.35 करोड़
  • मध्य प्रदेश : 1.14 करोड़
  • राजस्थान : 87.23 लाख
  • कर्नाटक : 64.44 लाख
  • गुजरात : 62.25 लाख

फार्मर आईडी क्यों आवश्यक

योजनाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से डिजिटल जुड़ाव, फसल बीमा व एमएसपी खरीदी में सुविधा, कृषि ऋण और आदान वितरण में मदद, मौसम व तकनीकी सलाह तथा आपदा राहत का तेज वितरण।

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