
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : दीपावली पर मिठाइयों और मावे की बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। दो दिनों में खाद्य विभाग की टीम ने दर्जनभर दुकानों का निरीक्षण किया और मिठाइयों व मावे के जांच के लिए नमूने लिया। रिंग रोड स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग पर करीब 600 किलो मावा और मिल्क केक का स्टाक सील कर दिया। साथ ही जांच रिपोर्ट आने तक बेचने पर रोक लगा दी गई।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शुक्रवार को पीपली बाजार स्थित मावा बाजार में 10 प्रतिष्ठानों पर रैपिड टेस्ट किट से मावे की प्राथमिक जांच की। इसमें श्रीनाथ, रामू, रतनलाल, श्रीजी, ओम, शंकरलाल, अग्रवाल, रामजी, रामजी महाराज और खंडेलवाल मावा भंडार शामिल हैं।एयरपोर्ट क्षेत्र की मिठाई दुकानों और महेश नगर स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में संचालित सुदानी कैटर्स के यहां भी मिठाइयों की प्राथमिक जांच की गई।
शिप्रा स्थित माय श्री नाश्ता पाइंट एवं आइसक्रीम से मीठा मावा, मावा, गुपचुप, केसर पेड़ा, मिल्क केक और सफेद पेड़ा के छह नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं गुरुवार को श्री बालाजी ट्रेडिंग से कंचन श्री ब्रांड के मिल्क केक और मीठे मावे के नमूने लिए गए। यहां उपलब्ध करीब 600 किलो सामग्री की बिक्री रिपोर्ट आने तक प्रतिबंधित कर दी गई है।
खाद्य विभाग ने कारोबारियों को मिठाइयां ढंककर रखने, साफ-सफाई बनाए रखने, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और कीट नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। मिठाइयों में सिर्फ अनुमेय खाद्य रंगों और अच्छी गुणवत्ता वाले चांदी के वर्क का उपयोग करने को कहा गया है। विभाग के मुताबिक सभी नमूने प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।