
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश के वाहन स्वामियों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को परिवहन विभाग ने बड़ी राहत दी है। अब ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) सेंटर शुरू होने तक मैन्युअल फिटनेस जांच हो सकेगी। पहले विभाग ने आदेश जारी कर मैन्युअल फिटनेस जांच को बंद कर दिया था। ऐसे में आसपास के छोटे जिलों और कस्बों के वाहन स्वामियों को फिटनेस के लिए इंदौर, उज्जैन जैसे शहरों तक आना पड़ता था। मध्य प्रदेश के कई जिलों में वाहनों की मैन्युअल फिटनेस जांच की व्यवस्था अस्थायी रूप से फिर से लागू कर दी गई है।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआइएमटीसी) द्वारा एटीएस सेंटर शुरू होने तक मैन्युअल फिटनेस जांच जारी रखने की मांग की गई थी, क्योंकि कई जिलों में इनका संचालन शुरू नहीं हुआ था। ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने एटीएस सेंटर शुरू होने के बाद जिलों में पुरानी मैन्युअल जांच व्यवस्था को चरणबद्ध बंद करने की मांग की थी। अब परिवहन विभाग ने मैन्युअल व्यवस्था लागू करने से हजारों वाहन मालिकों, ट्रक-बस आपरेटरों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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पिछले कुछ समय से कई जिलों में एटीएस शुरू होने की प्रक्रिया के कारण फिटनेस जांच को लेकर वाहन मालिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। एआइएमटीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश सबरवाल ने बताया कि संगठन ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए लगातार प्रयास किए, जिसके परिणामस्वरूप यह निर्णय लिया गया है। ट्रैफिक कमेटी के चेयरमैन सीएल मुकाती का कहना है कि इससे प्रदेश के वाहन मालिकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।